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आजादी के जश्न पर दिल्ली में सुरक्षा रहेगी चाक-चौबंद; एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ 20 हजार जवान रखेंगे चप्पे-चप्पे पर नजर

स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। लाल किले और आसपास के इलाकों में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ हाईटेक निगरानी का इंतजाम किया गया है। संदिग्धों की पहचान के लिए 'अभिज्ञान' ऐप, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी।

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स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में सुरक्षा का महाकवच

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस 2026 (Independence Day 2026) समारोह से पहले दिल्ली में लाल किले और आसपास के इलाकों में कई स्तरीय चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस भीड़ में संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान करने के लिए 'अभिज्ञान' ऐप और 'फेशियल रिकग्निशन सिस्टम' (FRS) जैसी हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा 15 अगस्त के समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 15,000 से 20,000 जवानों को तैनात किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि लाल किले पर होने वाले इस कार्यक्रम में विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों समेत करीब 25,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।

'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजामों के तहत पहली बार भीड़ में लोगों की जांच के लिए 'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ऐप में एक करोड़ से ज्यादा अपराधियों का डेटाबेस है और पुलिसकर्मी बेतरतीब तरीके से चुने गए लोगों का फिंगरप्रिंट लेने के लिए खास उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना था कि फिंगरप्रिंट को कुछ ही सेकंड में डेटाबेस से मिलाया जाता है, ऐसे में लाल संकेत का मतलब होता है कि व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है, जबकि हरे संकेत का मतलब है कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

1,000 सीसीटीवी कैमरों से होगी चप्पे-चप्पे पर नजर

अधिकारियों ने यह भी बताया कि लाल किले और उसके आस-पास के इलाकों की निगरानी के लिए लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम वाले कैमरे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्मारक के अंदर एक हाई-टेक सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से पुलिसकर्मी और तकनीकी दल चौबीसों घंटे इलाके पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल लाल किले के बाहर कई किलोमीटर के इलाके पर नजर रखने के लिए भी किया जा रहा है।

एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ स्नाइपर की तैनात

अधिकारियों ने आगे कहा कि ऊंचे मंचों समेत अहम जगहों पर स्नाइपर तैनात किए जाएंगे और किसी भी अनधिकृत हवाई गतिविधि को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं। उत्तरी जिला कंप्यूटर प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए गृह मंत्रालय की ’स्मार्ट पुलिसिंग पहल के तहत ये इंतजाम किए जा रहे हैं। इस साल लाल किले पर कार्यक्रम का विषय वंदे मातरम है। सुरक्षा कारणों से 15 अगस्त को स्मारक के आस-पास पतंग उड़ाने पर रोक लगा दी गई है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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