लोगों को होली से उम्मीद थी कि पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त होली से पहले जारी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब किसानों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर दिक्कत क्या है, कहीं नाम काटने का काम बड़े स्तर पर तो नहीं चल रहा है, क्योंकि कई राज्यों में पीएम किसान योजना से किसानों के नाम कटे हैं।
पीएम किसान योजना से नाम कटने की बात करें तो इसकी शुरुआत यूपी से हुई थी। यूपी में एक साथ करीब 19 लाख किसानों के नाम काटे गए हैं। उसके बाद राजस्थान में भी कई लाख किसानों के नाम पीएम किसान योजना से कटा है। साथ ही मध्यप्रदेश में भी 1.66 लाख किसानों के नाम कटे हैं।
बता दें कि पीएम किसान योजना के 7 साल पूरे हो चुके हैं। इसकी शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। पीएम किसान योजना के तहत प्रत्येक 4 महीने में किसानों के खाते में 2,000 रुपये भेजे जाते हैं। एक साल में कुल 3 किस्तें होती हैं और किसानों के बैंक अकाउंट में कुल 6,000 रुपये भेजे जाते हैं।
भले ही देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान योजना के तहत प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन इस बार यानी 22वीं किस्त के साथ ही बिहार के किसानों को 3,000 रुपये की किस्त मिलनी शुरू हो जाएगी। इस तरह बिहार के किसानों को हर साल 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये मिलेंगे।
दरअसल कई लाख किसान ऐसे हैं जो गलत या फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ ले रहे हैं। कई ऐसा भी मामले सामने आए हैं जिनमें एक जमीन पर कई किसान पैसे उठा रहे हैं। इसके अलावा कई किसान ऐसे भी हैं जो जिंदा नहीं हैं लेकिन उनके नाम पर कोई और पैसे उठा रहा है।
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त में देरी की प्रमुख वजह धांधली है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पीएम किसान योजना के पात्र नहीं हैं, लेकिन वे लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य किया गया है, लेकिन अभी तक सभी किसानों की फार्मर आईडी बनी नहीं है। इसलिए जब तक यह पूरा नहीं हो जाता है, तब तक किस्त जारी होने की संभावना कम ही है।
आमतौर पर पीएम किसान योजना की किस्त प्रत्येक 4 महीने पर जारी की जाती है और 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी, उस पैटर्न को समझें तो मार्च 2026 में 4 महीने पूरे हो रहे हैं। ऐसे में इसकी पूरी संभावना ही है कि पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त मार्च 2026 में ही आएगी, हालांकि सरकार ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।