बदलेगा गैस सिलेंडर डिलीवरी का नियम? बॉम्बे हाई कोर्ट ने OTP सिस्टम पर क्या कहा?

LPG GAS DAC: अमेरिका, ईरान और इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर देखने को मिल रहा है। कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका के बीच भारत में भी एलपीजी सिलेंडर वितरण व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated May 11 2026, 08:40 IST
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए लागू किए गए डिजिटल ऑथेंटिकेशन सिस्टम से लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को।01 / 08

सरकारी तेल कंपनियों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए लागू किए गए डिजिटल ऑथेंटिकेशन सिस्टम से लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को।

हाई कोर्ट ने सरकार और कंपनियों को दिए निर्देशImage Credit : Canva02 / 08

हाई कोर्ट ने सरकार और कंपनियों को दिए निर्देश

इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देश देते हुए कहा है कि वे ऑफलाइन एलपीजी बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था जारी रखने की मांग पर गंभीरता से विचार करें।

विचार करें कंपनियांImage Credit : Canva03 / 08

विचार करें कंपनियां

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनियां चाहें तो डिजिटल ऑथेंटिकेशन सिस्टम जारी रख सकती हैं, लेकिन कुछ उपभोक्ताओं को इससे राहत देने पर विचार किया जाना चाहिए।

OTP आधारित सिस्टम से बढ़ीं दिक्कतेंImage Credit : Canva04 / 08

OTP आधारित सिस्टम से बढ़ीं दिक्कतें

मामला तब अदालत पहुंचा जब एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि तेल कंपनियों द्वारा लागू अनिवार्य ओटीपी वेरिफिकेशन सिस्टम के कारण सिलेंडर डिलीवरी में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।

एसोसिएशन ने क्या कहा?Image Credit : Canva05 / 08

एसोसिएशन ने क्या कहा?

एसोसिएशन के मुताबिक गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या आम है। कई बार तकनीकी गड़बड़ी, वेबसाइट फेल होने या नेटवर्क बाधित होने की वजह से ग्राहकों को प्रमाणीकरण कोड नहीं मिल पाता। इसका सीधा असर सिलेंडर की समय पर डिलीवरी पर पड़ता है और कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

DAC सिस्टम पर फिर से विचार की मांगImage Credit : Canva06 / 08

DAC सिस्टम पर फिर से विचार की मांग

याचिका में घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण के लिए लागू डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी DAC प्रणाली का विकल्प तलाशने की मांग भी की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि शुरुआत में केवल 50 प्रतिशत डिलीवरी पर DAC लागू किया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत कर दिया गया।

व्हाट्सएप पर DAC कोड07 / 08

व्हाट्सएप पर DAC कोड

इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को व्हाट्सएप के जरिए 100 प्रतिशत डिलीवरी पर DAC अनिवार्य करने की जानकारी दी गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि बिना प्रमाणीकरण सिलेंडर देने पर वितरकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

तीन सप्ताह में फैसला लेने का आदेशImage Credit : Canva08 / 08

तीन सप्ताह में फैसला लेने का आदेश

जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोड़े की बेंच ने सुनवाई पूरी करते हुए तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि वे तीन सप्ताह के भीतर एसोसिएशन की मांग पर निर्णय लें। इसके बाद अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।

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