सबसे पहले पीएनजी और एलपीजी गैस में अंतर समझना जरूरी है। रसोई में आमतौर पर एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, जिसे खत्म होने पर दोबारा बुक करना पड़ता है। वहीं PNG गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है। इसमें सिलेंडर रखने की जरूरत नहीं होती और गैस बिना रुके मिलती रहती है, जिससे काफी सुविधा होती है। यह एलपीजी के मुकाबले सस्ता भी है।
पाइप्ड गैस कनेक्शन कई मामलों में आसान और सुविधाजनक है। इसमें सिलेंडर बुक करने की झंझट नहीं रहती और 24 घंटे गैस सप्लाई मिलती है। किचन में जगह भी बचती है और बिल केवल इस्तेमाल के हिसाब से आता है। यही वजह है कि लोग अब धीरे-धीरे PNG की ओर बढ़ रहे हैं।
अगर आपके इलाके में पहले से पाइपलाइन मौजूद है तो PNG कनेक्शन लेना ज्यादा मुश्किल नहीं होता। पहले आवेदन किया जाता है, फिर कंपनी की टीम घर का सर्वे करती है। इसके बाद तकनीकी जांच के आधार पर इंस्टॉलेशन शुरू होता है। आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों में प्रक्रिया आगे बढ़ जाती है और लगभग 3 महीने में कनेक्शन मिल सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आपके इलाके में PNG की सप्लाई है या नहीं। तो पीएनजी कनेक्शन लेने से पहले आप गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अपना राज्य, शहर और पिनकोड डाल सकते हैं। अगर जानकारी नहीं मिले तो कस्टमर केयर पर कॉल करके भी पता किया जा सकता है।
भारत के कई बड़े शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली-एनसीआर में Indraprastha Gas Limited, मुंबई में Mahanagar Gas Limited और गुजरात में Gujarat Gas Limited जैसी कंपनियां यह सेवा देती हैं। इनकी वेबसाइट या हेल्पलाइन से आप आसानी से जानकारी ले सकते हैं।