अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाएं हाथ पर चोट (Bruise) देखा गया। इस पर ट्रंप ने खुद कहा कि यह चोट (Bruise) किसी गंभीर बीमारी की वजह से नहीं है, बल्कि उनका हाथ मेज से टकरा गया और उनका हाई डोज ऐस्पिरिन लेने का असर चोट को और अधिक दिखा रहा है। ट्रंप ने कई बार दोहराया है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और ब्रूज़ तथा निशान किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत नहीं हैं, जबकि आलोचक इसके पीछे स्वास्थ्य जोखिम की चिंता जताते रहे हैं।
ट्रंप नियमित रूप से उच्च मात्रा में ऐस्पिरिन लेते हैं ताकि उनका खून पतला रहे। इससे मामूली चोट भी बड़ी चोट में बदल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ त्वचा पतली होना और बीमारियों का प्रभाव bruise को अधिक स्पष्ट बना सकता है, खासकर जब खून पतला रखने वाली दवाइयां ली जा रही हों।
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी करोलाइन लीविट ने पुष्टि की कि bruise उस साइनिंग टेबल के कोने से टकराने के कारण हुआ जब ट्रंप “Board of Peace” घोषणा कर रहे थे।
पिछले साल भी ट्रंप के दाहिने हाथ पर bruise दिखाई दे चुका है और व्हाइट हाउस ने इसे उनके जनता से मिलते-जुलते रहने और ऐस्पिरिन के असर से जोड़ा था।
ट्रंप 79 वर्ष के हैं, जो अमेरिका के इतिहास में सबसे बुज़ुर्ग राष्ट्राध्यक्षों में से एक हैं। इसलिए उनका स्वास्थ्य और चोट जैसी चीजें मीडिया और जनता की नजरों में बनने की संभावना बढ़ जाती हैं।
इससे पहले व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी चिकित्सक डॉ. सीन बारबाबेला की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की गहन चिकित्सीय जांच की गई, जिसमें डायग्नोस्टिक वैस्कुलर टेस्ट और दोनों पैरों की वेनस डॉपलर अल्ट्रासाउंड शामिल थीं। जांच के दौरान यह सामने आया कि उन्हें क्रॉनिक वेनस इन्सफिशिएंसी नाम की समस्या है। यह बीमारी उम्रदराज़ यानी 70 साल से ऊपर के लोगों में आम तौर पर देखने को मिलती है और खतरनाक नहीं मानी जाती।
चोट की तस्वीरों और ट्रंप के स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया और खबरों में हतप्रभ टिप्पणियां और सवाल उठे हैं, कुछ स्वास्थ्य के बारे में चिंतित, तो कुछ ने इसे मामूली घटना बताया है।