शहर की भागम-भाग से दो पल सुकून पाने के लिए आप नॉर्थ ईस्ट की मनोरम यात्रा करने का प्लान कर सकते हैं। शहरी जीवन की आपाधापी से दूर, बर्फ से ढके पहाड़ों में एकांत में कुछ समय गुजारने के लिए आप यहां जा सकते हैं।
अनदेखी सुंदरता और संस्कृति अरुणाचल प्रदेश की पहचान है। 24 से ज्यादा जनजातियों का यह प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता के लिहाज से नॉर्थ ईस्ट का सबसे बड़ा राज्य है। यात्रा के दौरान आप इन जगहों को ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
अगर आपको नेचर पसंद है और आप हरियाली के बीच आप अकेले कुछ समय बिताना चाहते हैं तो जिरो घाटी आपके लिए आदर्श है। यहां अपतानी समुदाय के लोग रहते हैं, जिनकी अपनी खास स्थानीय संस्कृति है। यह ईटानगर से 115 किलोमीटर की दूरी पर है और एक मुख्य पर्यटन स्थल है।
आप जब भी अरुणाचल प्रदेश जाएं तो यहां के सबसे बड़े बौद्ध मठ, तवांग मठ को देखने से ना चूकें। समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित और पहाड़ों से घिरा हुआ यह शांत मठ की सुंदरता अद्भुत है। यह अरुणाचल के सबसे शांत पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां तोरग्या महोत्सव के दौरान जाना आपको एक अलग अनुभव देगा।
रोइंग जाना हर ट्रेकिंग और एडवेंचर प्रेमी के लिए सपना होता है। निचली दिबांग घाटी में स्थित, यह ट्रेकिंग, हाइकिंग कैंपिंग आदि के लिए शानदार जगह है। यहां मेहाओ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में समय बिताया जा सकता है और मेहाओ झील भी घूम सकते हैं। यह जगह भी अरुणाचल प्रदेश के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है।
अरुणाचल प्रदेश के सबसे शानदार और शायद सबसे कम देखे जाने वाले स्थलों में से एक है, नूरानांग फॉल्स। इसे जंग फॉल्स भी कहा जाता है। ट्रेकर्स और फोटोग्राफरों के लिए ये जगह स्वर्ग है। तवांग के पास स्थित यह झरना 100 मीटर की ऊंचा है और काफी खूबसूरत है।
सेला पास अरुणाचल प्रदेश के सबसे एडवेंचरस जगहों में से एक है। यह समुद्र तल से 13,700 फीट की ऊंचाई पर है। यहां से हिमालय के पूर्वी हिस्से का शानदार नजारा दिखता है और तवांग का एंट्री पॉइंट है। खास तौर पर सर्दियों के मौसम में, यह क्षेत्र बर्फ के कारण सफेद हो जाता है, जिससे इसकी सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं।