साइबेरियन क्रेन, बार-हेडेड गीज, फ्लेमिंगो और अलग-अलग तरह की बतखें सर्दियों में उत्तर भारत की रौनक बढ़ा देती हैं। लेकिन ये नजारा हमेशा नहीं रहता। मार्च आते-आते ये मेहमान पक्षी फिर से अपने देश की ओर उड़ान भरने लगते हैं।
धुंध के बीच से उड़ते बेहद खूबसूरत पक्षी को देखने के लिए सुबह का समय सबसे बढ़िया रहता है। आइए जानते हैं उत्तर भारत की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में, जहां आप सर्दियों के खत्म होने से पहले इन परिंदों का दीदार कर सकते हैं।
राजस्थान के भरतपुर में स्थित यह नेशनल पार्क देश के सबसे मशहूर बर्ड सैंक्चुअरी में से एक है। पहले इसे भरतपुर बर्ड सैंक्चुअरी के नाम से जाना जाता था। यह जगह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है।
मध्य एशिया, यूरोप और साइबेरिया से हजारों पक्षी यहां आते हैं। यहां आप पेंटेड स्टॉर्क, पेलिकन, क्रेन, कई तरह की बतखें और शिकारी पक्षी आसानी से देख सकते हैं।
पोंग बांध झील, जिसे महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी जाना जाता है, सर्दियों के महीनों में प्रवासी जलपक्षियों का एक विशाल ठिकाना बन जाती है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला से घिरी यह झील एक सुंदर वातावरण प्रदान करती है।
हरिके आर्द्रभूमि ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर स्थित है। इसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्द्रभूमियों में से एक माना जाता है। पक्षी प्रेमियों को यहां गुच्छेदार बत्तखें, पोचार्ड और दलदली बाज देखने को मिलते हैं।