कंपनी के मुताबिक यह स्थिति कंपनी के एक निरंतर व्यवसाय के रूप में बने रहने की क्षमता पर गंभीर संदेह” पैदा करती है। इस ऐलान के बाद मंगलवार को ट्रेडिंग के दौरान कोडक के शेयरों में 25% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।फोटो-एआई
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, नकदी जुटाने के लिए कोडक अपने रिटायरमेंट पेंशन प्लान के भुगतान रोकने की योजना बना रही है। कंपनी का कहना है कि टैरिफ का उस पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कैमरा, इंक और फिल्म जैसे उसके अधिकांश उत्पाद अमेरिका में ही बनाए जाते हैं। फोटो-एआई
कोडक ने सीएनएन को बताया कि वह कर्ज के एक बड़े हिस्से का भुगतान तय समय से पहले करने को लेकर “आश्वस्त” है। बाकी कर्ज और स्टॉक देनदारियों को संशोधित, बढ़ाने की योजना है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, फाइलिंग में इस्तेमाल किया गया “गोइंग कंसर्न” शब्द कानूनी तौर पर जरूरी था। सीईओ जिम कॉन्टिनेंजा ने कहा कि अनिश्चित कारोबारी माहौल की चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपनी दीर्घकालिक रणनीति पर आगे बढ़ रही है। फोटो-एआई
1892 में स्थापित और अपनी जड़ें 1879 तक ले जाने वाली कोडक ने 1888 में पहला कोडक कैमरा लॉन्च कर फोटोग्राफी में क्रांति ला दी थी, जिसकी कीमत 25 डॉलर थी। इससे फोटोग्राफी आम जनता के लिए सुलभ हो गई और कंपनी का मशहूर नारा बना “You push the button, we do the rest”। (अनुवाद- आप बटन दबाएं, बाकि काम हम कर लेंगे)। 1970 के दशक तक कोडक अमेरिकी फिल्म बिक्री में 90% और कैमरा बिक्री में 85% हिस्सेदारी रखती थी। मशहूर गायक पॉल साइमन ने 1973 में अपने हिट गाने “Kodachrome” के जरिए कोडक फिल्म को समर्पित किया था। फोटो-एआई
विडंबना यह रही कि 1975 में पहला डिजिटल कैमरा बनाने वाली यही कंपनी डिजिटल क्रांति के साथ खुद को ढालने में पिछड़ गई। 2012 तक, कोडक 6.75 बिलियन डॉलर के कर्ज और 1 लाख से ज्यादा लेनदारों के साथ दिवालिया हो गई। फोटो-एआई
दिवालिया होने के बाद कोडक ने औद्योगिक प्रिंटिंग और ब्रांड लाइसेंसिंग की ओर रुख किया। कंपनी ने मिनी फोटो प्रिंटर जैसे कंज्यूमर गैजेट्स में भी हाथ आजमाया। 2020 में, उसे अमेरिकी सरकार से 765 मिलियन डॉलर का लोन फार्मास्यूटिकल सामग्री बनाने के लिए मिला, हालांकि बाद में इस पर जांच शुरू हो गई। फोटो-एआई
आज भी कोडक फिल्मों और केमिकल्स का निर्माण करती है, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक व फिल्म उद्योग में होता है और अपना ब्रांड लाइसेंस देती है, लेकिन बढ़ते कर्ज और सीमित समय के चलते कंपनी का भविष्य धुंधला दिखाई दे रहा है। फोटो-एआई