1 मार्च से बिना सिम कार्ड के नहीं चलेगा WhatsApp, क्या है सरकार का नया Sim Binding नियम?

1 मार्च से देशभर में SIM Binding का बड़ा नियम लागू होने जा रहा है। इस नयिम के लागू होने के बाद WhatsApp को चलाने के लिए स्मार्टफोन में सिम कार्ड का होना जरूरी होगा। आइए आपको इसके बारे में डिटेल जानकारी देते हैं।

Authored by: गौरव तिवारीUpdated Feb 27 2026, 16:45 IST
अगर आपके फोन में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप है तो आपके लिए काम की खबर है। 1 मार्च से नया नियम लागू होने जा रहा है जिसका सीधा असर वॉट्सऐप के करोड़ों यूजर्स पर पड़ने वाला है।Image Credit : IStock/Digit01 / 08

अगर आपके फोन में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप है तो आपके लिए काम की खबर है। 1 मार्च से नया नियम लागू होने जा रहा है जिसका सीधा असर वॉट्सऐप के करोड़ों यूजर्स पर पड़ने वाला है।

दरअसल सरकार की तरफ से 1 मार्च 2026 से सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया  जा रहा है जिसके बाद आपके स्मार्टफोन पर सिम कार्ड होने पर ही इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन वॉट्सऐप चल पाएगा। Image Credit : IStock/Digit02 / 08

दरअसल सरकार की तरफ से 1 मार्च 2026 से सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया जा रहा है जिसके बाद आपके स्मार्टफोन पर सिम कार्ड होने पर ही इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन वॉट्सऐप चल पाएगा।

सरकार की तरफ से गुरुवार को यह साफ कर दिया गया है कि सिम बाइंडिंग के नियमों को लागू करने की डेडलाइन 28 फरवरी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। मतलब यह नया नियम 1 मार्च से लागू हो जाएगा।Image Credit : IStock/Digit03 / 08

सरकार की तरफ से गुरुवार को यह साफ कर दिया गया है कि सिम बाइंडिंग के नियमों को लागू करने की डेडलाइन 28 फरवरी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। मतलब यह नया नियम 1 मार्च से लागू हो जाएगा।

इस नियम का असर सिर्फ वॉट्सऐप पर ही नहीं बल्कि टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर भी पड़ेगा। मतलब इन ऐप्स को चलाने के लिए फोन में सिम कार्ड का होना जरूरी हो होगा।Image Credit : IStock/Digit04 / 08

इस नियम का असर सिर्फ वॉट्सऐप पर ही नहीं बल्कि टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर भी पड़ेगा। मतलब इन ऐप्स को चलाने के लिए फोन में सिम कार्ड का होना जरूरी हो होगा।

सिम बाइंडिंग का नियम सिर्फ फोन पर ही लागू नहीं होगा। नया नियम आने के बाद अगर आप कंप्यूटर या फिर डेस्कटॉप पर वॉट्सऐप को लाग इन करते हैं तो वह ऑटोमैटिकली 6 घंटे बाद लॉगआउट हो जाएगा।Image Credit : IStock/Digit05 / 08

सिम बाइंडिंग का नियम सिर्फ फोन पर ही लागू नहीं होगा। नया नियम आने के बाद अगर आप कंप्यूटर या फिर डेस्कटॉप पर वॉट्सऐप को लाग इन करते हैं तो वह ऑटोमैटिकली 6 घंटे बाद लॉगआउट हो जाएगा।

<strong>क्या है सिम बाइंडिंग का नियम:</strong> सिम बाइंडिंग एक सेफ्टी फीचर है जिसमें आपके फोन में इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग ऐप्स आपके सिम कार्ड से लॉक हो जाते हैं। आसान शब्दों में समझाएं तो आपका सोशल मीडिया अकाउंट तभी चलेगा जब सिम फोन में इंसर्ट होगा।Image Credit : IStock/Digit06 / 08

क्या है सिम बाइंडिंग का नियम: सिम बाइंडिंग एक सेफ्टी फीचर है जिसमें आपके फोन में इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग ऐप्स आपके सिम कार्ड से लॉक हो जाते हैं। आसान शब्दों में समझाएं तो आपका सोशल मीडिया अकाउंट तभी चलेगा जब सिम फोन में इंसर्ट होगा।

1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे एप्स पर लॉगिन अब सिम कार्ड की मौजूदगी पर ही होगी। नए नियम से साइबर फ्रॉड और स्कैम जैसे मामले को रोकने में मदद मिल सकती है।Image Credit : IStock/Digit07 / 08

1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे एप्स पर लॉगिन अब सिम कार्ड की मौजूदगी पर ही होगी। नए नियम से साइबर फ्रॉड और स्कैम जैसे मामले को रोकने में मदद मिल सकती है।

Sim Binding का एक बड़ा फायदा यह होने वाला है कि अब साइबर क्रिमिनल्स किसी दूसरे डिवाइस से आपके मैसेजिंग ऐप्स या फिर आपके डिवाइस पर एक्सेस नहीं पा सकेंगे। केंद्रीय कम्युनिकेशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक ये नियम नेशनल सिक्योरिटी और फ्रॉड रोकने के लिए लागू किए गए हैं।Image Credit : IStock/Digit08 / 08

Sim Binding का एक बड़ा फायदा यह होने वाला है कि अब साइबर क्रिमिनल्स किसी दूसरे डिवाइस से आपके मैसेजिंग ऐप्स या फिर आपके डिवाइस पर एक्सेस नहीं पा सकेंगे। केंद्रीय कम्युनिकेशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक ये नियम नेशनल सिक्योरिटी और फ्रॉड रोकने के लिए लागू किए गए हैं।

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