इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस और छापेमारी का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। जानकारी के मुताबिक, विदेश घूमने की तस्वीरें और महंगी शॉपिंग के पोस्ट शेयर करने वाले 15 फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर को नोटिस भेजे गए थे। इनसे उनकी आमदनी के स्रोत और उससे जुड़े विवरण मांगे गए थे।
इन फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर पर आरोप था कि उन्होंने जिन कंपनियों के प्रोडक्ट का प्रचार किया, उनसे अच्छी-खासी फीस लेने के बावजूद या तो बहुत कम टैक्स चुकाया या फिर टैक्स भरा ही नहीं। आय ज्यादा होने और टैक्स भुगतान कम रहने के चलते मामला टैक्स चोरी का बनता नजर आ रहा था।
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के फॉलोअर्स की संख्या लाखों से करोड़ों तक होती है। ये कंपनियों के प्रोडक्ट का प्रमोशन वीडियो या पोस्ट के जरिए करते हैं और इसके बदले उन्हें भुगतान मिलता है। विज्ञापनों और प्रोडक्ट लिंक को ये अपने फॉलोअर्स के साथ साझा करते हैं, जिससे कंपनियों की बिक्री बढ़ती है।
फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर सिर्फ प्रमोशन ही नहीं करते, बल्कि निवेश और खरीदारी से जुड़ी सलाह भी देते हैं।