Play Integrity API एक ऐसा टूल है जो ऐप डेवलपर्स को फ्रॉड, बोट्स और अनऑथराइज्ड ऐप यूज को पकड़ने में मदद करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फीचर से अनऑथराइज्ड ऐप यूज में 80% तक की कमी आई है। लेकिन अब Google ने इसमें एक बड़ा बदलाव किया है, जो Android 13 और उससे पुराने वर्जन के बीच साफ फर्क करेगा। इसका असर खासकर पुराने डिवाइसेज पर पड़ेगा।
मई 2025 से यह नया अपडेट सभी ऐप डेवलपर्स के लिए जरूरी होगा। गूगल के इस नए अपडेट से जहां Android 13 या उससे नए वर्जन वाले डिवाइसेज को फायदा होगा, वहीं Android 12 या उससे पुराने वर्जन चलाने वाले यूजर्स को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसके बाद ऐप्स Android 13 और उससे ऊपर के वर्जन पर तो बेहतर तरीके से चलेंगी- जिसमें बेहतर सिक्योरिटी, प्राइवेसी और परफॉर्मेंस होगी, लेकिन Android 12 या उससे पुराने वर्जन वाले डिवाइसेज पर कई ऐप्स सही से काम करना बंद कर सकते हैं, या पूरी तरह से काम करना बंद कर देंगे।
गूगल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज भी 50% से ज्यादा एक्टिव एंड्रॉयड डिवाइसेज एंड्रॉयड 12 या 12L जैसे पुराने वर्जन पर चल रहे हैं- जो अब end-of-life स्टेटस में हैं। इसका मतलब है कि इन डिवाइसेज को अब गूगल की तरफ से कोई सिक्योरिटी अपडेट या पैच नहीं मिलेगा, जिससे ये डिवाइसेज साइबर हमलों के लिए ज्यादा कमजोर हो जाएंगे। यानी इन डिवाइस को आसानी से टारगेट किया जा सकता है।
अगर आपका फोन Android 12 या उससे पुराना है, तो भविष्य में आपको कई ऐप्स इस्तेमाल करने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप समय रहते नया एंड्रॉयड वर्जन सपोर्ट करने वाला डिवाइस ले लें या अपने फोन को नए ओएस में अपडेट कर लें।