स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एक कहावत है बड़ा बनने के लिए बड़ा काम करना पड़ता है। यह कहावत कुछ हद तक वैभव सूर्यवंशी पर फिट खाती है, क्योंकि उन्होंने जबसे बल्ला पकड़ा है, हर लेवल पर रिकॉर्ड बनाए हैं। U19 टीम के लिए टेस्ट डेब्यू पर शतक, आईपीएल के अपने पहले ही सीजन में 35 गेंद पर शतक, लिस्ट ए में 36 गेंद पर शतक। सीधे शब्दों में कहे तो इंडिया से लेकर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका तक वैभव ने अपने बल्ले से कमाल किया है। आज वर्ल्ड क्रिकेट में वैभव का नाम छाया हुआ है। मगर क्या ये काफी है? वैभव ने जितने भी रिकॉर्ड बनाए हैं क्या वो काफी हैं? क्या वो बड़े मैचों के खिलाडी हैं?
अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले मैच में भारत का सामना यूएसए से है। भारत के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल की घातक गेंदबाजी के आगे यूएसए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 107 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। बार-बार बारिश के चलते मैच को 37 ओवर का कर दिया गया और भारत को 96 लक्ष्य मिला। भारत ने चार विकेट गंवाकर मैच जीत लिया। हालांकि, पहले ही ओवर की पहली गेंद पर भारतीय कप्तान आयुष महात्रे को जीवनदान मिला। तीसरे ओवर की पहली गेंद पर भारत को बड़ा झटका लगा। वैभव सूर्यवंशी 4 गेंद पर 2 रन बनाकर क्लीन बोल्ड हो गए। रित्विक ने यूएसए को एक बड़े तूफान से राहत दिलाई। वैभव एक बार फिर बड़े स्टेज पर अपनी चमक बिखेरने में फेल हुए।
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वनडे क्रिकेट में कुल 19 मैच (इसमें अंडर-19 वर्ल्ड कप की पहली पारी भी शामिल है) खेले हैं। इस दौरान 54.05 की औसत से कुल 975 रन बनाए हैं। वैभव ने अभी तक यूथ वनडे क्रिकेट में तीन शतक जड़े हैं। सूर्यवंशी दबाव में बिखर जाते हैं। पाकिस्तान की अंडर-19 टीम के खिलाफ दो यूथ मुकाबले में वैभव 10.66 की औसत से मात्र 32 रन ही बना सके हैं।
अभी तक यह देखने को मिला है कि वैभव सूर्यवंशी का बल्ला बड़े मैच में नहीं चला है। वह बड़े मैच का प्रेशर नहीं झेल पाए हैं। यूथ वनडे के दो सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 38 की औसत से 76 रन बनाए हैं, जबकि यूथ वनडे के दो फाइनल मुकाबले में मात्र 35 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 17.5 का रहा है। अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का बल्ला नहीं चला था।
यूथ वनडे की बाइलेटरल सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जमकर चलता है। वह रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाते हैं, लेकिन जैसे ही दो से अधिक देशों के खिलाफ टूर्नामेंट में खेलते हैं उनका बल्ला खामोश हो जाता है। अभी तक 11 बाइलेटरल सीरीज में वैभव 62.27 की औसत से 685 रन बना चुके हैं, जिसमें एक शतक शामिल है। वहीं, मल्टीनेशन (5 से अधिक टीम) टूर्नामेंट में वैभव ने 7 मैच में 41.14 की औसत और एक शतक की मदद से कुल 288 रन ही बना सके हैं।
हालांकि, इसके बावजूद भी वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले मैच में दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर गए। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने वाले भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। 14 साल 294 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपना अंडर-19 वर्ल्ड डेब्यू किया।
दूसरे रिकॉर्ड में वैभव सूर्यवंशी ने सबसे कम उम्र में अंडर-19 वर्ल्ड कप डेब्यू मैच में विकेट हासिल करने वाले खिलाड़ी बन गए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर नीतीश (36) को खिलन पटेल के हाथों कैच आउट करवाया। यह विकेट लेते ही वैभव ने इतिहास रच दिया।