श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। हालांकि, वह इस मुकाबले में शतक से चूक गए लेकिन उन्होंने कई सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर डाले।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस तूफानी पारी में 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के जड़े। उन्होंने 324.14 के अविश्वसयीन स्ट्राइक रेट से 50 ओवर के मैच में ऐसे रन बनाए, जैसे वह कोई टी20 मुकाबला खेल रहे हों। वैभव की पारी के दम पर ही इंडिया ए ने 100 रन मात्र 39 गेंदों में ही बना डाले थे।
अपनी इस पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने इसके साथ ही युवराज सिंह का 19 साल पुराना रिकॉर्ड चकनाचूर कर डाला। इसके साथ ही वह किसी भी फॉर्मेट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले भारतीय बनने का रिकॉर्ड बना दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर युवराज सिंह का 12 गेंदों में बनाया रिकॉर्ड तोड़ दिया। खास बात यह है कि युवराज सिंह ने 12 गेंदों में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड टी20 में बनाया था। जबकि वैभव सूर्यवंशी ने यह रिकॉर्ड 50 ओवरों के मैच में बनाया है।
वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में 50 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले लिस्ट ए क्रिकेट में उनसे तेज 50 रन किसी और बल्लेबाज ने नहीं बनाए थे। उन्होंने कौशल्या वीररत्ने का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने साल 2005 में 12 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था।
वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों में अर्धशतक लगाने के दौरान 5 चौके और 5 छक्के जड़े। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 1 गेंद डॉट खेली। बाकी 10 गेंदों पर उन्होंने बाउंड्री जड़ी। वैभव ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान किसी भी श्रीलंकाई गेंदबाज को नहीं बख्शा और सबकी जमकर धुनाई की।
इस पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी जितने आक्रामक नजर आ रहे थे, उसे देखकर क्रिकेट फैंस कह रहे हैं कि उन्होंने श्रीलंका ए से पिछले मैच का बदला लिया है। दरअसल, पिछले मुकाबले में उनकी श्रीलंका के खिलाड़ियों से बहस हो गई थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के दम पर भारत ए ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ए के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रन बनाए और श्रीलंका ए को 378 रनों का लक्ष्य दिया। वैभव सूर्यवंशी के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने भी 67 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली।