हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्भावस्था में कॉफी को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को दिन भर में कैफीन की कुल मात्रा 200 मिलीग्राम या उससे कम रखनी चाहिए।
कैफीन की सही मात्रा का हिसाब रखना जरूरी है। इंस्टेंट कॉफी के एक सामान्य कप में लगभग 100 mg और फिल्टर कॉफी में करीब 140 mg कैफीन होती है। वहीं कैफे में मिलने वाली कॉफी में कप के साइज़ के आधार पर कैफीन ज्यादा हो सकती है।
प्रेग्नेंसी के दौरान अत्यधिक कैफीन का सेवन मां और शिशु दोनों के लिए हानिकारक है। अध्ययनों के अनुसार, अधिक कैफीन से गर्भपात और शिशु का कम वजन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर संतुलित मात्रा की सलाह देते हैं।
बीन्स की क्वालिटी और बनाने का तरीका कैफीन का लेवल तय करते हैं। जो महिलाएं कॉफी का स्वाद छोड़ना नहीं चाहतीं, लेकिन कैफीन कम रखना चाहती हैं, उनके लिए डीकैफिनेटेड कॉफी सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती है।
कैफे में कॉफी ऑर्डर करते समय बड़े साइज के कप और एक्स्ट्रा एस्प्रेसो शॉट्स से बचें। साथ ही, कॉफी में मिलाए जाने वाले अतिरिक्त सिरप और व्हिप्ड क्रीम से दूर रहें, क्योंकि ये ब्लड शुगर और वजन बढ़ा सकते हैं।
केवल कॉफी ही नहीं, बल्कि दिन भर पी जाने वाली चाय, ग्रीन टी, डार्क चॉकलेट और फिजी ड्रिंक्स में भी कैफीन होता है। अपनी 200 mg की डेली लिमिट तय करते समय इन सभी चीजों को भी जोड़ना जरूरी है।