नई दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में टॉस गंवाने के बाद भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। बीमार अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। ईशान किशन के साथ वह ओपनिंग करने आए।
संजू सैमसन ने टीम इंडिया को आतिशी शुरुआत दिलाई। संजू ने 8 गेंद पर 1 चौका और 3 छक्के की मदद से 22 रन बनाए। वह अच्छे लय में दिख रहे थे लेकिन, तेजी से रन बनाने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने ईशान किशन के साथ 1.6 ओवर में 25 रन जोड़े।
संजू के आउट होने के बाद तिलक वर्मा क्रीज पर आए। यहां से तिलक और ईशान किशन का आक्रामक रुख देखने को मिला। खासकर झारखंड के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले ईशान किशन का। ईशान किशन ने छठे ओवर में लगातार चार छक्के लगाए।
छठे ओवर की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर ईशान किशन ने 20 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बने। पहले स्थान पर युवराज सिंह मौजूद हैं। उन्होंने 12 गेंद पर अर्धशतक जड़ा था। दूसरे नंबर पर केएल राहुल (18 गेंद), तीसरे पर रोहित शर्मा, (19 गेंद) और चौथे स्थान पर युवराज सिंह ( 20 गेंद) का नाम मौजूद हैं।
ईशान किशन ने तिलक वर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 31 गेंद पर 79 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत टीम इंडिया ने 6.5 ओवर में 100 का आंकड़ा छू लिया। इसकी बदौलत भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज टीम शतक बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले साल 2014 में नीदरलैंड ने 7 ओवर में 100 का आंकड़ा छुआ था।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 209 बनाए। ईशान किशन ने 24 गेंद पर 61 रन की पारी खेली। हार्दिक पांड्या ने 28 गेंद पर 52 रन की तूफानी पारी खेली। नामाबिया ने आखिर के पांच ओवर में 41 रन दिए और पांच विकेट चटकाए। नामीबिया की तरफ से कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने 4 ओवर में 20 रन देकर चार विकेट चटकाए।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत का यह तीसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा। इससे पहले 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने 218 रन बनाए थे। इसके बाद साल 2021 में अफगानिस्तान के खिलाफ 210 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024 में 205 रन बनाए थे।