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आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद 'FD लेडरिंग' फॉर्मूला, समझें बेहतर रिटर्न का पूरा गणित

आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंक एफडी की दरें बढ़ा सकते हैं। ऐसे में जोखिम से बचने और बेहतर रिटर्न पाने के लिए अलग-अलग अवधि की एफडी (FD लेडरिंग) में बांटकर निवेश करना फायदेमन्द है।

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RBI के फैसले के बाद 10 लाख रुपये पर पाएं बंपर ब्याज!

Photo : iStock

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया गया है। इसके साथ ही खुदरा महंगाई दर भी 4.84% पर पहुंच गई है। इन आर्थिक बदलावों के बीच आने वाले दिनों में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। जो निवेशक लंबे समय से कम ब्याज दरों के कारण परेशान थे, उनके लिए यह अपनी बचत पर ज्यादा रिटर्न पाने का एक शानदार मौका है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पूरा पैसा एक ही बार में FD में लगा देना सही फैसला होगा? अगर आने वाले महीनों में बैंकों ने ब्याज दरें और बढ़ा दीं, तो आपको नुकसान हो सकता है। इसी जोखिम से बचने के लिए एक्सपर्ट्स 'FD लेडरिंग Strategy' (FD Laddering Strategy) अपनाने की सलाह देते हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि यह रणनीति कैसे काम करती है और 10 लाख रुपये के निवेश से आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।

क्या है FD लेडरिंग और यह कैसे काम करती है?

आसान शब्दों में कहें तो FD लेडरिंग का मतलब है अपना सारा पैसा एक ही FD में लगाने के बजाय उसे अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि वाली multiple FDs में बांट देना। जैसे-जैसे आपकी पहली FD मैच्योर (पूरी) होती है, आप उस पैसे को फिर से सबसे लंबी अवधि और उस समय की सबसे ऊंची ब्याज दर वाली नई FD में जमा कर देते हैं। यही प्रक्रिया हर अगली मैच्योरिटी पर दोहराई जाती है। इस चक्र से आपको दो बड़े फायदे मिलते हैं:-

  • ज्यादा रिटर्न:- जब-जब ब्याज दरें बढ़ेंगी, आपका पैसा नई और ऊंची दरों पर लॉक होता रहेगा।
  • लिक्विडिटी (नकद पैसों की उपलब्धता):- आपको हर साल कुछ पैसा वापस मिलता रहेगा, जिसे आप जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

10 लाख रुपये से बनाएं 5 साल का FD लेडर

मान लीजिए आपके पास निवेश के लिए 10 लाख रुपये हैं। आप इसे 5 बराबर हिस्सों (2-2 लाख रुपये) में बांटकर 1 से 5 साल की अवधि के लिए अलग-अलग FD बुक करते हैं:-

  • 1 साल की FD (₹2 लाख): 6.00% दर पर मैच्योरिटी पर ब्याज = ₹12,273
  • 2 साल की FD (₹2 लाख): 6.10% दर पर मैच्योरिटी पर ब्याज = ₹25,743
  • 3 साल की FD (₹2 लाख): 6.25% दर पर मैच्योरिटी पर ब्याज = ₹40,897
  • 4 साल की FD (₹2 लाख): 6.30% दर पर मैच्योरिटी पर ब्याज = ₹56,814
  • 5 साल की FD (₹2 लाख): 6.40% दर पर मैच्योरिटी पर ब्याज = ₹74,729

री-इन्वेस्टमेंट का चक्र (ब्याज दरें बढ़ने का फायदा):-

  • अक्तूबर 2027 में: पहली FD मैच्योर होने पर उसे 5 साल के लिए 6.65% की नई दर पर फिर जमा करें (ब्याज: ₹82,923)।
  • अक्तूबर 2028 में: दूसरी FD मैच्योर होने पर उसे 5 साल के लिए 6.90% पर री-इन्वेस्ट करें (ब्याज: ₹92,067)।
  • अक्तूबर 2029 में: तीसरी FD को 7.20% दर पर 5 साल के लिए जमा करें (ब्याज: ₹1,03,284)।
  • अक्तूबर 2030 में: चौथी FD को 7.50% दर पर री-इन्वेस्ट करें (ब्याज: ₹1,15,553)।
  • अक्तूबर 2031 में: पांचवीं FD को 7.75% दर पर री-इन्वेस्ट करें (ब्याज: ₹1,28,530)।
(नोट: भविष्य की ब्याज दरें केवल उदाहरण के तौर पर समझाई गई हैं।)

क्या सारा पैसा एक ही बैंक में लगाना सही है?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक रेपो रेट बढ़ने का पूरा फायदा तुरंत ग्राहकों को नहीं देते। इसलिए आप FDs को कुछ हफ्तों के अंतराल पर भी खोल सकते हैं। इसके अलावा, अपना पैसा किसी एक बैंक की बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटना ज्यादा सुरक्षित है। आरबीआई के नियम (DICGC स्कीम) के तहत, किसी भी एक बैंक में प्रति व्यक्ति सिर्फ 5 लाख रुपये तक का डिपॉजिट (मूलधन + ब्याज) ही इंश्योर्ड (बीमित) होता है। अगर आप 5-5 लाख रुपये अलग-अलग बैंकों में रखते हैं, तो आपका पूरा पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

FD लेडरिंग अपनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • जरूरत के हिसाब से तय करें समय: FDs की मैच्योरिटी अवधि इस तरह रखें कि जब आपको पैसों की जरूरत हो, तभी FD पूरी हो। यह रिस्क से बचने का तरीका है, सिर्फ रिटर्न बढ़ाने का नहीं: FD लेडरिंग आपके पैसे की लिक्विडिटी और ब्याज दरों के जोखिम को मैनेज करने के लिए है।
  • महंगाई को हराना मुश्किल: अगर आपका मुख्य उद्देश्य महंगाई दर से बहुत ज्यादा रिटर्न कमाना है, तो सिर्फ FD (चाहे लेडरिंग के साथ ही क्यों न हो) सही विकल्प नहीं है। इसके लिए अन्य निवेश माध्यम भी देखने होंगे।
  • घटती दरों का जोखिम: जब ब्याज दरें घटने लगेंगी, तो मैच्योर होने वाली राशि आपको कम ब्याज दर पर दोबारा जमा करनी पड़ सकती है।
आने वाले वर्षों में बैंक अपनी FDs पर ब्याज बढ़ाना जारी रखते हैं, तो FD लेडरिंग रणनीति आपके फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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