भारत में सैकड़ो नदियां हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की इकलौती नदी कौन सी है जो पहले जवान और आखिरी में बूढ़ी हो जाती है।
अगर आप भी नहीं जानते हैं कि इस नदी का क्या नाम है। अपने आपको जीके का धुरंधर बताने वाले भी इसका जवाब नहीं बता पाए हैं।
यहां हम गंडक नदी की बात कर रहे हैं। इसे गंडकी, सप्त गंडकी और नारायणी के नाम से भी जाना जाता है। यह नदी भारत में गंगा नदी की बाईं ओर को सबसे बड़ी सहायक नदियों में से एक है।
इस नदी का उद्गम नेपाल हिमालयी क्षेत्र से होता है। इसकी प्रमुख जलधाराओं में काली गंडकी और त्रिशूली नदी शामिल हैं। खास बात यह है कि जैसे जैसे यह मैदानी इलाकों में आती है यह बूढ़ी गंडक कहलाने लगती है।
इस नदी का उद्गम नेपाल हिमालयी क्षेत्र से होता है। इसकी प्रमुख जलधाराओं में काली गंडकी और त्रिशूली नदी शामिल हैं। खास बात यह है कि जैसे जैसे यह मैदानी इलाकों में आती है यह बूढ़ी गंडक कहलाने लगती है।
गंडक नदी का जलस्तर मानसून के दौरान काफी बढ़ सकता है। इससे बिहार के कुछ इलाकों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे खेती, आवागमन और जनजीवन प्रभावित होते हैं।
बता दें नेपाल में एक बार फिर बाढ़ से कोहराम मच गया है। यहां बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से तीन पुल बह गए।