मुंबई के वानखेड़ें स्टेडियम में खेले गए मैच में मुंबई इंडियंस की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 155 रन बनाए। इसका पीछा करते हुए उतरी गुजरात टाइटंस की टीम जीत की ओर बढ़ रही थी लेकिन अचानक बारिश आ गई जिसके बाद दोबारा जब मैच शुरू हुआ तब मुंबई इंडियंस ने धमाकेदार वापसी की और लगातार गुजरात टाइटंस के 5 विकेट गिरा दिए। जिसके चलते गुजरात की टीम को अंत में 2 ओवर में 24 रन की जरूरत थी लेकिन बारिश फिर आ गई और इसके बाद मैच जब शुरू हुआ तब गुजरात को एक ओवर में 15 रन की जरूरत थी। ऐसे में गुजरात टाइटंस ने हार नहीं मानी और 15 रन बनाकर जीत दर्ज कर ली।
इस हार के बाद मुंबई इंडियंस की राह मुश्किल हो गई है। टीम के 14 अंक है। अगर वे बचे हुए 2 मैच जीत जाते हैं तो प्लेऑफ में पहुंच जाएंगे। अगर वे एक मैच हार जाते हैं तो उन्हें दूसरी टीम पर निर्भर रहना पड़ेगा। अगर मुंबई दोनों मैच हार जाती है तो वे बाहर हो जाएंगे। वहीं अगर दिल्ली कैपिटल्स तीनों मैच जीत जाती है तो मुंबई इंडियंस तब भी बाहर हो जाएगी क्योंकि दिल्ली का एक मैच मुंबई के खिलाफ ही है।
मुंबई इंडियंस की टीम की हार के बाद अब उनका टॉप 2 में पहुंचना मुश्किल हो गया है। आरसीबी अगर बचे हुए तीन में से दो भी जीत जाती है तो भी मुंबई उन्हें टॉप 2 के लिए चैलैंज नहीं कर पाएगी।
इस जीत से दिल्ली कैपिटल्स को फायदा हो गया है। उनके अब तीन मैच बचे हैं और अगर वे तीनों जीत जाते हैं तो अब उन्हें कंफर्म तरीके से प्लेऑफ का टिकट मिल जाएगा। वहीं अगर वे मुंबई को भी खास तौर पर हरा देते हैं और एक मैच हार भी जाते है तब भी उनके 17 अंक हो जाएंगे जहां तक मुंबई की टीम नहीं पहुंच पाएगी।
केकेआर की टीम के भी चांस बढ़ते नजर आ रहे हैं। अगर वे सारे मैच जीत जाते हैं तो वे 17 तक पहुंच जाएंगे। वहीं मुंबई एक मैच हार जाती है तो वे केकेआर से पीछे छूट जाएंगे और टीम के प्लेऑफ में पहुंचने के चांस बढ़ जाएंगे।
मुंबई की हार के बाद अब लखनऊ के पास भी मौका है कि वे चमत्कार करते हुए प्लेऑफ में पहुंच जाए। लखनऊ अगर तीनों मैच जीत जाती है तो वे 16 तक पहुंच जाएंगे। वहीं अगर मुंबई एक मैच हारती है तो वे भी 16 तक ही पहुंच पाएंगे। इसके अलावा अगर केकेआर एक और दिल्ली दो मैच हार जाए तो 16 अंको पर अच्छी नेट रनरेट के साथ वे पहुंच सकते हैं।