आईपीएल 2025 में टॉप-2 की जंग रोमांचक हो चली है। पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मैच के रिजल्ट ने इस लड़ाई में और जान डाल दी है, लेकिन सवाल है कि आखिर हर टीम टॉप 2 में क्यों पहुंचना चाहती है और टॉप-2 में फिनिश करने से क्या फायदा होता है।
दिल्ली कैपिटल्स ने जीत के साथ आईपीएल 2025 के सीजन का अंत किया। अपने आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली ने समीर रिजवी की नाबाद 58 रन की पारी के दम पर उसने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने सीजन का अंत प्वाइंट्स टेबल में 5वें पोजिशन के तौर पर किया।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ जीत दर्ज करके पंजाब किंग्स के पास टॉप-2 में फिनिश करने का सुनहरा मौका था, लेकिन दिल्ली ने उसका रास्ता रोक दिया। अब पंजाब की हार से टॉप-2 की रेस और भी रोमांचक हो गई है। अब प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी सभी चार टीम, मुंबई, गुजरात, पंजाब और आरसीबी टॉप-2 में फिनिश कर सकती है।
अब सवाल उठता है कि क्यों सभी टीमें टॉप-2 में फिनिश करना चाहती है। जवाब है टॉप-2 में फिनिश करने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलते हैं। लेकिन नंबर-3 और चार पर फिनिश करने वाली टीम प्लेऑफ में एलिमिनेटर खेलती है, जहां हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाता है।
टॉप 2 में फिनिश करने के पहले फायदे के बारे में बात करें तो प्वाइंट्स टेबल में टॉप-2 पर फिनिश करने वाली टीम क्वालीफायर-1 खेलती है। क्वालीफायर-1 की विजेता टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलता है और वह क्वालीफायर-2 खेलती है।
टॉप-2 में फिनिश करने का दूसरा कारण है इस लीग का इतिहास, साल 2011 के बाद की बात करें तो पिछले 14 सीजन में 13 बार टॉप-2 में फिनिश करने वाली टीम ही आईपीएल चैंपियन बनी है जबकि केवल एक बार तीसरे या चौथे नंबर पर फिनिश करने वाली टीम जीती है।
पंजाब की हार से सबसे ज्यादा फायदा हार्दिक पांड्या एंड कंपनी मुंबई इंडियंस को हुआ है। टॉप-4 टीमों में मुंबई का नेट रन रेट सबसे बेहतर है। अगर मुंबई अपना आखिरी लीग मुकाबला जोकि पंजाब किंग्स से है जीत लेती है तो उसके टॉप-2 में फिनिश करने के चांस बढ़ जाएंगे।