गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी डिफेंड कर ली। टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को हराने के बाद भारत ने तीसरी बार इस ट्रॉफी का स्वाद चखा। वर्ल्ड कप से पहले गंभीर ने कहा था कि उनकी टीम कुछ डिफेंड करने नहीं बल्कि चैंपियन बनने उतरी है। गंभीर की कोचिंग में भारत ने सफलतापूर्वक ट्रॉफी डिफेंड की और ऐसा करने वाली पहली टीम बनी।
रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ की जोड़ी ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई थी। सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर की जोड़ी के पास इसे डिफेंड करने की चुनौती थी और दोनों ने इसको सफलतापूर्वक हासिल किया। यह विराट, रोहित और जडेजा के बिना आसान नहीं था, लेकिन 2 साल में इन दोनों ने युवा टीम को भरोसा दिया और उसे इस काबिल बनाया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन बनाए थे, लेकिन जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की दमदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड की टीम को पूरे ओवर भी नहीं खेलने दिए और 159 रन पर ढेर कर 96 रन से जीत दर्ज कर ली।
इस जीत के साथ ही गौतम गंभीर के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड जुड़ गया। वह बतौर खिलाड़ी और कोच के तौर पर टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले पहले शख्स बन गए। 2007 में गंभीर ने बतौर खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई थी और अब सूर्या के साथ मिलकर उन्होंने दूसरी बार यह ट्रॉफी उठाई।
इतना ही नहीं, इस जीत के साथ यह भी तय हो गया कि अगर फाइनल मुकाबले में गौतम गंभीर मौजूद हैं तो जीत पक्की। चाहे वह बतौर खिलाड़ी हो, मेंटॉर हो या फिर बतौर कोच। जब-जब उन्होंने फाइनल खेला, उनकी टीम जीती।
गंभीर ने बतौर खिलाड़ी दो वर्ल्ड कप और दो आईपीएल की ट्रॉफी जीती। उन्होंने बतौर खिलाड़ी 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप, 2012 और 2014 में आईपीएल जीता।
मेंटॉर के तौर पर गंभीर ने 2024 में कोलकाता नाईट राइडर्स को चैंपियन बनाया। इसके बाद जब वह टीम इंडिया के कोच बने तो कोच के तौर पर उन्होंने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और अब 2026 में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई।