शनिवार, 2 मई को सीएसके के खिलाफ एमआई की पारी के 10.3 ओवर बीतने के बाद, मेजबान टीम के सहायक गेंदबाजी कोच श्रीधरन श्रीराम से ब्रॉडकास्टर ने पूछा कि उनकी टीम किस लक्ष्य का पीछा करना पसंद करेगी। टॉस जीतकर एमआई उस समय 99/2 के मजबूत स्कोर पर थी और श्रीराम ने जवाब दिया, "200 से कम स्कोर शानदार होगा, लेकिन हम 210-220 के आसपास का कोई भी स्कोर चेज कर लेंगे।" कुछ ही देर बाद, डेब्यूटेंट खिलाड़ी रामकृष्ण घोष ने सूर्यकुमार यादव को आउट कर दिया। यह उनका पहला आईपीएल विकेट था, पर अभी भी मुंबई के पास काफी बल्लेबाजी बाकी थी।
हालांकि, जेमी ओवरटन, अंशुल कंबोज और नूर अहमद ने अहम मौकों पर विकेट लेकर दबाव बनाए रखा और मुंबई को 159/7 पर रोक दिया। ओवरटन ने बीच और अंतिम के ओवरों में लगभग बराबर ओवर फेंके हैं। वहीं कंबोज इस सीजन में डेथ ओवरों के सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहे हैं। आईपीएल 2026 में उनकी भूमिका 2024 और 2025 की तुलना में बिल्कुल अलग रही है, जहां उन्होंने अपने 31.3 ओवरों में से 26 (82.54%) ओवर पावरप्ले में फेंके थे।
आईपीएल 2026 में कंबोज ने 16 से 20 ओवरों के बीच 10 विकेट लिए हैं। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार (7विकेट) को पीछे छोड़ दिया है। इस सीजन डेथ ओवर्स में कम से कम आठ ओवर फेंकने वाले 16 गेंदबाजों में, कंबोज औसत, स्ट्राइक रेट और डॉट बॉल प्रतिशत में शीर्ष पर हैं। उनका इकॉनमी रेट 8.6 है और 33.3% का उनका फाल्स शॉट प्रतिशत ओवरटन के 34.4% के बाद दूसरे स्थान पर है। डेथ ओवर में कंबोज के डॉट बॉल का प्रतिशत 44.7 है। कंबोज ने इस सीजन डेथ ओवर्स में अभी तक 12.4 ओवर की गेंदबाजी कर चुके हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर मौजूद भुवनेश्वर कुमार ने 12 ओवर की गेंदबाजी की है। भुवी का डेथे ओवर्स में डॉट बॉल का प्रतिशत 22.2 का रहा है।
कंबोज लगभग हर पांच गेंदों में एक चौका दे रहे हैं, जो भुवनेश्वर कुमार (हर 10 गेंदों में एक) और लुंगी एनगिडी (हर आठ गेंदों में एक) से कम है। कंबोज का इकॉनमी रेट 8.6 का है, यहां भुवी ने बाजी मारी है और 8 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है। कंबोज लगभग हर दो गेंदों में एक डॉट बॉल फेंकते हैं, इसकी भरपाई कर देती है। वास्तव में, इम्पैक्ट प्लेयर युग में डेथ ओवरों में कम से कम 10 ओवर फेंकने वाले सीमर्स के सभी उदाहरणों में, इस सीजन में उनकी डॉट-बॉल प्रतिशत केवल 2024 में मोहम्मद सिराज के बराबर है।
बेंगलुरु में आरसीबी के खिलाफ खेले गए मैच में कंबोज की जमकर धुनाई हुई, जब मेजबान टीम ने पहले पावरप्ले में 97 रन बनाए। उस दौरान उनकी एक शानदार यॉर्कर ने टिम डेविड का लेग स्टंप उखाड़ दिया। हालांकि, रिप्ले में पता चला कि डेविड ने ओवरस्टेप किया था। इसके बाद डेथ ओवरों में उनका कुल प्रदर्शन 9 ओवर में 9 विकेट पर 61 रन रहा। उनकी गेंदबाजी की एक प्रमुख विशेषता पावरप्ले और डेथ ओवरों के दौरान गेंद की लेंथ में बदलाव करना है। नई गेंद से उन्होंने अपने विकेट गुड लेंथ या बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों पर लिए हैं, जिनमें से 84 में से 70 गेंदें इसी लेंथ पर पड़ी हैं। आखिरी पांच ओवरों में 73.7% गेंदें फुल लेंथ की रही हैं। फुल टॉस गेंदों पर 13.12 रन प्रति ओवर की औसत रही है, जबकि यॉर्कर और थोड़ी शॉर्ट लेंथ की गेंदों पर 49 रन देकर चार विकेट चटकाए हैं। यॉर्कर बॉल की 7.35 की इकॉनमी रही है।
उनकी एक और खास बात यह है कि वे ज्यादातर राउंड द विकेट एंगल से गेंदबाजी करते हैं और उनकी सटीक गेंदबाजी के कारण बल्लेबाजों के लिए बड़ा शॉट खेलने की तैयारी करना मुश्किल हो जाता है। कंबोज ने राउंड विकेट से 56 गेंद फेंकी है और 8 विकेट चटकाए हैं और 81 रन खर्च किए हैं। वहीं, ओवर द विकेट से गेंदबाजी करते हुए 20 गेंद फेंकी है। इस दौरान दो विकेट चटकाए हैं। इस दौरान 28 रन लुटाए।
ऐतिहासिक रूप से, सीएसके की डेथ ओवरों की गेंदबाजी विदेशी तेज गेंदबाजों पर निर्भर रही है। 2010 और 2011 में डग बोलिंगर, उसके बाद काफी समय तक ड्वेन ब्रावो और पिछले सीजन में मथीशा पथिराना। एक भारतीय तेज गेंदबाज के इस भूमिका को निभाने से उन्हें अकील हुसैन को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का मौका मिला। वहीं, युवा खिलाड़ियों को भी टीम ने प्लेइंग इलेवन में खेलने का पूरा मौका दिया है। मुंबई के खिलाफ कार्तिक शर्मा ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर मैच जिताऊ पारी खेली। कार्तिक ने 40 गेंद पर नाबाद 54 रन बनाए। यह उनकी पहली आईपीएल फिफ्टी रही।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली जीत से सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा हैं। वह फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में 6 स्थान पर है। 9 मैच में चार जीत के चलते उसके 8 अंक हो गए हैं। अभी उसके पांच मैच बचे हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए उसके चार मैच और जीतने होंगे। चेन्नई प्लेऑफ में पहुंचेगी या नहीं ये तो समय बताएगा, लेकिन सुपर किंग्स को अगले कुछ सीजन के लिए उसकी नई कोर टीम मिलती हुई नजर आ रही है।