हिंदू घरों में सुबह-शाम घर के मंदिर में दीपक या धूपबत्ती जरूर जलाई जाती है जिसकी कुछ न कुछ राख या बत्ती जरूर बच जाती है। कई लोग इस बची हुई सामग्री को कूड़े में डाल देते हैं। लेकिन यहां हम आपको बताएंगे पूजा के बाद जली हुई बाती का क्या करना चाहिए जिससे कोई दोष न लगे।
शास्त्रों अनुसार पूजा-पाठ में इस्तेमाल किए गए किसी भी सामान को कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि ये बेहद पवित्र माना जाता है।
पहले के समय में लोग बची हुई बत्ती को इकट्ठा करके नदी या बहते हुए पानी में प्रवाहित कर देते थे। आज भी कई लोग ऐसा ही करते हैं जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है। क्योंकि ऐसा करने से प्रदुषण फैलता है।
अगर बची हुई बत्ती या पूजा सामग्री को जल में प्रवाहित नहीं कर सकते तो क्या करें? पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार बची हुई बत्ती में कपूर डालकर उसे जला देना चाहिए। इससे दोष भी नहीं लगेगा और बाती जलकर बिल्कुल खत्म भी हो जाएगी।
बची हुई बाती में कपूर डालकर जलाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा भी दूर चली जाएगी। जिससे सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होगी।
घर में कूपर जलाने से मां लक्ष्मी का भी वास होता है। इसलिए बाती में कपूर डालकर जलाना सबसे बेहतर विकल्प होगा।