मकर राशि (Capricorn) के जातकों के लिए 2026 मिला-जुला लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक साल रहेगा। 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में गोचर कर जाएंगे, इसको मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। वहीं, इसके कुछ दिन बाद ही मकर में सूर्य के साथ बुध, शुक्र और मंगल की युति बनने से चतुर्ग्रही योग बन जाएगा। इस साल 2026 के शुरुआती महीनों में कुछ चुनौतियां रहेंगी, लेकिन मई-जून के बाद करियर, धन और रिश्तों में सुधार दिखेगा। धैर्य, अनुशासन और मेहनत से सफलता मिलेगी। आइए जानते हैं कि जीवन के विभिन्न पहलुओं के लिए साल 2026 मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा?
यह साल आपके लिए मिला-जुला लेकिन प्रगतिशील रहेगा। शुरुआत जनवरी से अप्रैल में तनाव और बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन मई के बाद राहत और सफलता का दौर शुरू होगा। शनि तीसरे भाव में होंगे, जो साहस और प्रयासों में बढ़ोतरी लाएंगे।
शुरुआती 4 महीने काम का बोझ, बॉस से विवाद या बदलाव का दबाव रह सकता है। मई के बाद प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या जॉब चेंज के योग बनेंगे। स्किल डेवलपमेंट और टीमवर्क से फायदा होगा। विदेशी अवसर भी मिल सकते हैं।
शुरुआती महीनों में नए निवेश में सावधानी बरतें। मध्य साल से स्थिरता आएगी। पार्टनरशिप या छोटे ग्रुप बिजनेस में सफलता मिलेगी। जोखिम भरे फैसले टालें।
आय में वृद्धि होगी, लेकिन खर्चे (स्वास्थ्य, परिवार, यात्रा) भी बढ़ेंगे। बजट बनाकर चलें। दीर्घकालिक निवेश (म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी) फायदेमंद रहेंगे। साल के अंत में अचानक खर्चों से अलर्ट रहें।
प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव आएंगे। शुरुआत में गलतफहमियां या भावनात्मक दूरी संभव है। जून-सितंबर में रिश्ते मजबूत होंगे, रोमांस में नयापन आएगा। अविवाहितों के लिए अच्छे रिश्ते बन सकते हैं। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। शादीशुदा जीवन में स्थिरता आएगी। छोटी-मोटी अनबन से बचने के लिए खुलकर बात करें। मध्य साल से खुशियां बढ़ेंगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। विदेश पढ़ाई के योग बनेंगे। मई के बाद पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी। मेहनत जारी रखें।
तनाव, थकान और मांसपेशियों के दर्द की समस्या हो सकती है। नियमित व्यायाम, योग और संतुलित आहार जरूरी है। यात्रा में चोट से सावधान रहें। साल के अंत में नींद और रक्तचाप पर ध्यान दें।
जनवरी से अप्रैल में करियर में दबाव और विवादों से बचें। निवेश या बड़े फैसले में सतर्क रहें। स्वास्थ्य के लिए साल भर अनुशासन रखें, खासकर नवंबर-दिसंबर में बहुत जरूरी है। रिश्तों में जल्दबाजी न करें।
गुरुवार को पीली वस्तुओं (केला, चने की दाल) का दान करें। विष्णु सहस्रनाम और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें। शनिवार को तेल दान करें।