भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण 7 सितंबर की रात 11:00 बजे से 12:22 बजे तक होगा, लेकिन पूरी तरह से चंद्रग्रहण 8 सितंबर को 2:25 बजे समाप्त होगा। (फोटो साभार: iStock)
यूं तो चंद्रग्रहण भारत सहित दुनिया के कई देशों में देखा जा सकेगा, लेकिन हमारे देश में लगभग हर जगह से देखा जा सकता है जिसमें दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, भोपाल, नागपुर और रायपुर सहित कई अन्य शहर शामिल हैं। (फोटो साभार: iStock)
What is Blood Moon: चंद्रग्रहण के दौरान कई बार चंद्रमा पूरी तरह से लाल नजर आता है जिसे ब्लड मून कहा जाता है। (फोटो साभार: iStock)
सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वातावरण में दाखिल होने से पहले मुड़ता है। नीली किरणें फैल जाती हैं और लाल-नारंगी किरणें ही चंद्रमा तक पहुंचती हैं। पृथ्वी के वातावरण में मौजूद धूल, नमी और गैसों की मात्रा के हिसाब से लालिमा गहरी या हल्की हो सकती है। (फोटो साभार: iStock)
चांद कभी भी रंग नहीं बदलता है, बल्कि सूर्य की रोशनी का प्रकीर्णन प्रभाव बदलता है। चंद्रमा का रंग लाल, गहरा लाल या हल्का गुलाबी भी हो सकता है, जो पूर्णत: वातावरण पर निर्भर करता है। (फोटो साभार: iStock)
Next Total Lunar Cclipse: अगला पूर्ण चंद्रग्रहण 2-3 मार्च, 2026 को होगा और यह पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका से दिखाई देगा। (फोटो साभार: iStock)
मार्च 2026 के बाद 27-28 अगस्त, 2026 में भी लगभग पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से लगभग 93 फीसदी कवर होगा। यह आंशिक चंद्रग्रहण यूरोप, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर और अंटार्कटिका से दिखाई देगा। (फोटो साभार: iStock)