ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक ज्वालामुखी लगभग 7,00,000 वर्षों की चुप्पी के बाद जाग उठा है और यह इतने सालों के अंतराल के बाद पहली बार फिर से विस्फोट के करीब हो सकता है। ( प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
अर्थ डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वालामुखी 10 महीनों में लगभग 3.5 इंच (9 सेंटीमीटर) ऊपर की ओर बढ़ा है। यह एक छोटी वृद्धि लग सकती है, लेकिन इसका बड़ा महत्व है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
हम जिस ज्वालामुखी की बात कर रहे हैं, उसका वैज्ञानिक नाम 'तफ्तान' है। विज्ञानियों का कहना है कि तफ्तान ज्वालामुखी, जिसे निष्क्रिय माना जाता था, अब गतिविधि के संकेत दिखा रहा है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
बकौल रिपोर्ट, तफ्तान मानव इतिहास में कभी नहीं फटा, लेकिन ज्वालामुखी से मिल रहे नए संकेत यह बताते हैं कि प्रणाली जाग रही है और इसकी निगरानी की जरूरत है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
विज्ञानियों ने InSAR, एक रडार विधि का उपयोग करके भूमि की निगरानी की, जो अंतरिक्ष से भूमि की गति को मापती है। उन्होंने Sentinel-1 उपग्रहों का उपयोग किया, जो दिन-रात काम करते हैं और बादलों के माध्यम से देख सकते हैं। (फोटो साभार: AI Image)
बकौल रिपोर्ट, तफ्तान दूरस्थ है और इसमें निरंतर जीपीएस रिसीवर जैसे भूमि उपकरणों की कमी है। यही कारण है कि अंतरिक्ष रडार उन पहाड़ों पर नजर रखने का सबसे अच्छा तरीका है, जहां कुछ लोग ही जाते हैं, लेकिन कई शहर इसके चारों ओर बसे हैं। (फोटो साभार: AI Image)
शोधकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन यह सुझाव देता है कि ज्वालामुखी की सतह के नीचे गैस दबाव बढ़ रहा है। इस दबाव से उत्पन्न धुएं को भविष्य में किसी न किसी तरह से रिलीज करना होगा। (फोटो साभार: AI Image)
तफ्तान ज्वालामुखी से जुड़े अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और ज्वालामुखी विज्ञानी पाब्लो गोंजालेज ने लाइव साइंस को बताया कि अभी तत्काल विस्फोट का कोई खतरा नहीं है, लेकिन ज्वालामुखी की निगरानी अभी भी करीब से की जानी चाहिए। यह अध्ययन लोगों को डराने के लिए नहीं है, बल्कि अधिकारियों के लिए एक जागरुकता कॉल है। (फोटो साभार: AI Image)