7 लाख साल की चुप्पी के बाद जाग उठा 'तफ्तान', जोरदार धमाके का डर! वैज्ञानिक भी चिंतित
Taftan Volcano: दुनियाभर में लगभग 1350 सक्रिय ज्वालामुखी हैं और आए दिन किसी-न-किसी ज्वालामुखी के विस्फोट की खबरें सामने आती रहती हैं। हालांकि, सक्रिय रूप से विस्फोट करने वाले ज्वालामुखियों की संख्या 40 से 50 के बीच रहती हैं। साल 2025 में अब तक लगभग 58 अलग-अलग ज्वालामुखियों के 63 विस्फोट हो चुके हैं, जिनमें से अभी भी कई सक्रिय हैं, लेकिन आज हम बात एक ऐसा ज्वालामुखी की करने जा रहे हैं, जो लगभग 7,00,000 लाख वर्षों से एकदम खामोश था, लेकिन अब वह खुद में दबाव महसूस कर रहा है और उसके जागने के संकेत मिल रहे हैं।
7 लाख वर्षों बाद ज्वालामुखी में हलचल
ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक ज्वालामुखी लगभग 7,00,000 वर्षों की चुप्पी के बाद जाग उठा है और यह इतने सालों के अंतराल के बाद पहली बार फिर से विस्फोट के करीब हो सकता है। ( प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
जाग रहा ज्वालामुखी!
अर्थ डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वालामुखी 10 महीनों में लगभग 3.5 इंच (9 सेंटीमीटर) ऊपर की ओर बढ़ा है। यह एक छोटी वृद्धि लग सकती है, लेकिन इसका बड़ा महत्व है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
क्या निष्क्रिय है तफ्तान?
हम जिस ज्वालामुखी की बात कर रहे हैं, उसका वैज्ञानिक नाम 'तफ्तान' है। विज्ञानियों का कहना है कि तफ्तान ज्वालामुखी, जिसे निष्क्रिय माना जाता था, अब गतिविधि के संकेत दिखा रहा है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
तफ्तान पर विज्ञानियों की पैनी निगाह!
बकौल रिपोर्ट, तफ्तान मानव इतिहास में कभी नहीं फटा, लेकिन ज्वालामुखी से मिल रहे नए संकेत यह बताते हैं कि प्रणाली जाग रही है और इसकी निगरानी की जरूरत है। (प्रतीकात्मक फोटो साभार: iStock)
तफ्तान ज्वालामुखी का अध्ययन
विज्ञानियों ने InSAR, एक रडार विधि का उपयोग करके भूमि की निगरानी की, जो अंतरिक्ष से भूमि की गति को मापती है। उन्होंने Sentinel-1 उपग्रहों का उपयोग किया, जो दिन-रात काम करते हैं और बादलों के माध्यम से देख सकते हैं। (फोटो साभार: AI Image)
तफ्तान की कैसे हो सकती है निगरानी
बकौल रिपोर्ट, तफ्तान दूरस्थ है और इसमें निरंतर जीपीएस रिसीवर जैसे भूमि उपकरणों की कमी है। यही कारण है कि अंतरिक्ष रडार उन पहाड़ों पर नजर रखने का सबसे अच्छा तरीका है, जहां कुछ लोग ही जाते हैं, लेकिन कई शहर इसके चारों ओर बसे हैं। (फोटो साभार: AI Image)
गैस का बढ़ रहा दबाव
शोधकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन यह सुझाव देता है कि ज्वालामुखी की सतह के नीचे गैस दबाव बढ़ रहा है। इस दबाव से उत्पन्न धुएं को भविष्य में किसी न किसी तरह से रिलीज करना होगा। (फोटो साभार: AI Image)
क्या तफ्तान में हो सकता है धमाका
तफ्तान ज्वालामुखी से जुड़े अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और ज्वालामुखी विज्ञानी पाब्लो गोंजालेज ने लाइव साइंस को बताया कि अभी तत्काल विस्फोट का कोई खतरा नहीं है, लेकिन ज्वालामुखी की निगरानी अभी भी करीब से की जानी चाहिए। यह अध्ययन लोगों को डराने के लिए नहीं है, बल्कि अधिकारियों के लिए एक जागरुकता कॉल है। (फोटो साभार: AI Image)
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