मंगल ग्रह का कैसे खत्म हुआ पानी? नई स्टडी ने रहस्य से उठाया पर्दा

अनंत ब्रह्मांड असंख्य रहस्य अपने भीतर संजोकर रखे हुए हैं और खगोलविद हैं कि लगातार उन रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश में लगे रहते हैं। इसके बावजूद वह ब्रह्मांड के बारे में बहुत कम जान पाए हैं। हालांकि, खगोलविदों को पृथ्वी से औसतन लगभग 22 करोड़ किलोमीटर दूर मौजूद मंगल ग्रह सबसे ज्यादा लुभाता है। तभी तो मंगल ग्रह का लगातार अध्ययन किया जा रहा है और नए-नए रहस्यों से पर्दा उठाया जा रहा है। हाल ही में खगोलविदों की नई स्टडी ने मंगल में पानी की मौजूदगी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है तो चलिए विस्तार से उसके बारे में समझते हैं।

Slideshow/s by: अनुराग गुप्ताUpdated Feb 12 2026, 17:14 IST
मंगल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा01 / 07

मंगल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा

खगोलविद लगातार मंगल ग्रह को लेकर तरह-तरह के अध्ययन करते रहते हैं, इन्हीं में शामिल है पानी की मौजूदगी से जुड़ा रहस्य... खगोलविद लंबे समय से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर रेड प्लैनेट का पानी कहां चला गया? (फोटो साभार: iStock)

क्या हमेशा बंजर था मंगल?02 / 07

क्या हमेशा बंजर था मंगल?

माना जाता है कि मंगल ग्रह पर कभी बेतहाशा पानी हुआ करता था, जिससे पूरा ग्रह ही पानी में समा सकता था, लेकिन आज रेड प्लैनेट पूरी तरह से सूखा और बंजर नजर आता है। हालांकि, नई रिसर्च के मुताबिक, मंगल पर आने वाले तेज धूल भरे तूफान, जिन्हें रॉकेट स्टॉर्म कहा जाता है, ने ग्रह को बंजर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई होगी। (फोटो साभार: iStock)

कैसे खत्म हुआ पानी?03 / 07

कैसे खत्म हुआ पानी?

मंगल पर पहले नदियां, झीलें और पानी का चक्र मौजूद था। जब धूल भरे तूफान आते हैं, तो वे पानी की भाप को ग्रह के ऊपरी वातावरण तक पहुंचा देते हैं। वहां सूरज की तेज यूवी किरणें पानी को तोड़ देती हैं। इसके बाद हल्का हाइड्रोजन अंतरिक्ष में उड़ जाता है और धीरे-धीरे पानी कम होता जाता है। (फोटो साभार: iStock)

खत्म हो गया पानी04 / 07

खत्म हो गया पानी

वैज्ञानिकों ने मंगल पर ड्यूटेरियम/हाइड्रोजन (D/H) रेशियो मापा। यह पृथ्वी से 5-8 गुना ज्यादा है। इससे पता चलता है कि मंगल से हल्का हाइड्रोजन बहुत ज्यादा मात्रा में अंतरिक्ष में उड़ चुका है जिसका मतलब है कि पानी खत्म हो गया। (फोटो साभार: iStock)

खगोलविदों की बदली धारणा05 / 07

खगोलविदों की बदली धारणा

खगोलविदों का पहले मानना था कि पानी का नुकसान सिर्फ मंगल के दक्षिणी गर्मियों में होता है, लेकिन हालिया स्टडी में उत्तरी गोलार्ध में भी एक शक्तिशाली 'रॉकेट स्टॉर्म' देखा गया, जिसने सालभर पानी नष्ट होने की प्रक्रिया को साबित किया। (फोटो साभार: iStock)

धीरे-धीरे खत्म हुआ पानी06 / 07

धीरे-धीरे खत्म हुआ पानी

नई स्टडी बताती है कि मंगल ग्रह पर मौजूद पानी एक समय में नहीं, बल्कि पूरे साल धीरे-धीरे खत्म हुआ। पहले मंगल का झुकाव ज्यादा हो सकता था, जिससे ऐसे तूफान ज्यादा बनते थे और पानी तेजी से खत्म हुआ। (फोटो साभार: iStock)

तीन अंतरिक्ष यानों से एकत्र किया डेटा07 / 07

तीन अंतरिक्ष यानों से एकत्र किया डेटा

खगोलविद ने तीन अलग-अलग अंतरिक्ष यानों पर लगे कम से कम छह अलग-अलग उपकरणों के डेटा की बदौलत यह स्टडी की। (फोटो साभार: iStock)

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