अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने एक ऐसे ग्रह की खोज की, जो न सिर्फ धरती से कई गुना ज्यादा बड़ा है, बल्कि हीरों से भी भरा हुआ हो सकता है। (फोटो साभार: Copilot AI)
पृथ्वी से लगभग 41 प्रकाश वर्ष दूर स्थित 55 कैन्क्री ई (55 Cancri e) ग्रह का एक बड़ा हिस्सा हीरों और ग्रेफाइट जैसी कार्बन संरचनाओं से बना हो सकता है। इसकी खोज जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से हुई। (फोटो साभार: Copilot AI)
55 कैन्क्री ई के सामने हमारी पृथ्वी बौनी लगती है, क्योंकि यह पृथ्वी से लगभग 5 गुना ज्यादा बड़ा है और इसे 'सुपर अर्थ' की श्रेणी में रखा गया है। (फोटो साभार: Copilot AI)
55 कैन्क्री ई अपने तारे की परिक्रमा महज 17-18 घंटे में पूरा कर लेता है। अपने तारे से महज 0.015 खगोलीय इकाई की दूरी पर होने की वजह से यहां का तापमान भी बहुत अधिक है। आसान शब्दों में कहें तो यहां पर आग बरसती है।
इस ग्रह पर तापमान 2400 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। जिसकी वजह से सतह पिघले हुए लावा के समुदर में तब्दील हो जाती है। इस ग्रह के चारों ओर एक अलग तरह का वायुमंडल भी मौजूद है, जो संभवत: ज्वालामुखीय गतिविधियों की वजह से बना हो सकता है।
चरम गर्मी और लावा में तब्दील सतह की वजह से ग्रह पर जीवन की संभावना ना के बराबर है, लेकिन 55 कैन्क्री ई ग्रहों के निर्माण को समझने के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।