अंतरिक्ष में जाने से पहले एस्ट्रोनॉट क्यों खेलते हैं कार्ड्स? NASA की ये परंपरा जानकर रह जाएंगे हैरान!

Artemis 2 Mission: अंतरिक्ष मिशन जितना गंभीर और जोखिम भरा होता है, उतनी ही दिलचस्प होती हैं उससे जुड़ी परंपराएं। आर्टिमस 2 (Artemis II) मिशन के दौरान लॉन्च से ठीक पहले एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब एस्ट्रोनॉट्स ने ताश का गेम खेला। यह कोई साधारण मनोरंजन नहीं था, बल्कि नासा (NASA) की एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है। इस रिवाज का उद्देश्य लॉन्च से पहले माहौल को हल्का बनाना और टीम के बीच सहजता बनाए रखना होता है।

Produced by: पीयूष कुमारUpdated Apr 3 2026, 12:20 IST
​ये चार अंतरिक्षयात्री पहुंचे स्पेसImage Credit : NASA01 / 07

​ये चार अंतरिक्षयात्री पहुंचे स्पेस

आर्टिमस 2 मिशन में कुल चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। नासा से रीड वाइजमैन, अश्वेत अंतरिक्षयात्री विक्टर ग्लोवर, महिला अंतरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच और कनाडा के अंतरिक्ष संगठन से जेरेमी हैंसन शामिल हैं। अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के चक्कर लगाकर लगभग 10 दिनों बाद वापस लौटेंगे।​

लॉन्चिंग से पहले अंतरिक्षयात्रों ने खेले ताश Image Credit : NASA02 / 07

लॉन्चिंग से पहले अंतरिक्षयात्रों ने खेले ताश

लॉन्चिंग से पहले ये सभी एक साथ बैठे और कार्ड गेम खेलते नजर आए। यह पल न केवल दिलचस्प था बल्कि यह भी दिखाता है कि इतने बड़े मिशन से पहले भी टीम किस तरह शांत और संयमित रहती है।

पुरानी है ये परंपराImage Credit : NASA03 / 07

पुरानी है ये परंपरा

नासा में लॉन्च से पहले कार्ड खेलने की यह परंपरा दशकों पुरानी है। यह गेम तब तक चलता है जब तक मिशन का कमांडर हार नहीं जाता। इसे मिशन के लिए एक शुभ संकेत माना जाता है। हर स्पेस मिशन से पहले इस परंपरा को निभाया जाता है, जिससे यह नासा (NASA) की संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

क्या है दिलचस्प मान्यता?Image Credit : NASA04 / 07

क्या है दिलचस्प मान्यता?

इस परंपरा के पीछे एक दिलचस्प मान्यता भी जुड़ी है। माना जाता है कि अगर कमांडर इस गेम में हार जाता है, तो वह अपने साथ सारी बदकिस्मती भी ले जाता है और मिशन के लिए सिर्फ अच्छी किस्मत बचती है। यही वजह है कि इस खेल को हल्के में नहीं लिया जाता और इसे पूरे नियमों के साथ खेला जाता है।

शटल प्रोग्राम के समय से चली आ रही परंपराImage Credit : NASA05 / 07

शटल प्रोग्राम के समय से चली आ रही परंपरा

यह परंपरा स्पेस शटल प्रोग्राम के समय से चली आ रही है। उस दौर में “Possum Fargo” नाम का कार्ड गेम खेला जाता था। तब से लेकर आज तक इस परंपरा को बनाए रखा गया है। बदलते समय के साथ तकनीक जरूर बदली है, लेकिन इस तरह की परंपराएं आज भी जिंदा हैं और मिशन का हिस्सा बनी हुई हैं।

चंद्रमा के करीब पहुंचेगा स्पेसक्राफ्टImage Credit : NASA06 / 07

चंद्रमा के करीब पहुंचेगा स्पेसक्राफ्ट

​मिशन के प्लान के अनुसार, ओरियन स्पेसक्राफ्ट अपनी यात्रा के छठे दिन (करीब 6-7 अप्रैल 2026) को चांद के सबसे करीब पहुंचेगा. जब यह चांद के सबसे करीब होगा तो इसकी चांद से दूरी लगभग 7,500 किलोमीटर होगी. इसी दौरान एस्ट्रोनॉट्स चांद के पिछले हिस्से (Far Side) का दीदार करेंगे और वहां से पृथ्वी को उगते हुए (Earthrise) देखेंगे.​

54 साल बाद एक बार फिर... Image Credit : NASA07 / 07

54 साल बाद एक बार फिर...

बता दें कि इस मिशन में अंतरिक्षयात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे , बल्कि ओरियन अंतरिक्षयान में सवार होकर उसके करीब से गुजरेंगे। 1972 के अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के इतने करीब जा रहा है। अपोलो 17 नासा का अंतिम मिशन था जब मनुष्य ने चंद्रमा पर कदम रखा था।

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