आर्टिमस 2 मिशन में कुल चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। नासा से रीड वाइजमैन, अश्वेत अंतरिक्षयात्री विक्टर ग्लोवर, महिला अंतरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच और कनाडा के अंतरिक्ष संगठन से जेरेमी हैंसन शामिल हैं। अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के चक्कर लगाकर लगभग 10 दिनों बाद वापस लौटेंगे।
लॉन्चिंग से पहले ये सभी एक साथ बैठे और कार्ड गेम खेलते नजर आए। यह पल न केवल दिलचस्प था बल्कि यह भी दिखाता है कि इतने बड़े मिशन से पहले भी टीम किस तरह शांत और संयमित रहती है।
नासा में लॉन्च से पहले कार्ड खेलने की यह परंपरा दशकों पुरानी है। यह गेम तब तक चलता है जब तक मिशन का कमांडर हार नहीं जाता। इसे मिशन के लिए एक शुभ संकेत माना जाता है। हर स्पेस मिशन से पहले इस परंपरा को निभाया जाता है, जिससे यह नासा (NASA) की संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
इस परंपरा के पीछे एक दिलचस्प मान्यता भी जुड़ी है। माना जाता है कि अगर कमांडर इस गेम में हार जाता है, तो वह अपने साथ सारी बदकिस्मती भी ले जाता है और मिशन के लिए सिर्फ अच्छी किस्मत बचती है। यही वजह है कि इस खेल को हल्के में नहीं लिया जाता और इसे पूरे नियमों के साथ खेला जाता है।
यह परंपरा स्पेस शटल प्रोग्राम के समय से चली आ रही है। उस दौर में “Possum Fargo” नाम का कार्ड गेम खेला जाता था। तब से लेकर आज तक इस परंपरा को बनाए रखा गया है। बदलते समय के साथ तकनीक जरूर बदली है, लेकिन इस तरह की परंपराएं आज भी जिंदा हैं और मिशन का हिस्सा बनी हुई हैं।
मिशन के प्लान के अनुसार, ओरियन स्पेसक्राफ्ट अपनी यात्रा के छठे दिन (करीब 6-7 अप्रैल 2026) को चांद के सबसे करीब पहुंचेगा. जब यह चांद के सबसे करीब होगा तो इसकी चांद से दूरी लगभग 7,500 किलोमीटर होगी. इसी दौरान एस्ट्रोनॉट्स चांद के पिछले हिस्से (Far Side) का दीदार करेंगे और वहां से पृथ्वी को उगते हुए (Earthrise) देखेंगे.
बता दें कि इस मिशन में अंतरिक्षयात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे , बल्कि ओरियन अंतरिक्षयान में सवार होकर उसके करीब से गुजरेंगे। 1972 के अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के इतने करीब जा रहा है। अपोलो 17 नासा का अंतिम मिशन था जब मनुष्य ने चंद्रमा पर कदम रखा था।