Mission Mars: वैज्ञानिकों की मंगल ग्रह को लेकर शुरू से ही काफी दिलचस्पी रही है। तभी तो इसरो, नासा सहित कई स्पेस एजेंसियां लगातार मंगल ग्रह से जुड़े मिशनों में जुटी हुई हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मंगल ग्रह तक पहुंचने में कितना समय लगता है?
नासा के अनुसार, यदि आप मंगल ग्रह की एकतरफा यात्रा करना चाहते हैं तो इसमें लगभग 9 माह लगेंगे, लेकिन वापसी की यात्रा को भी अगर शामिल किया जाए तो 21 माह का समय लगेगा, क्योंकि मंगल ग्रह से पृथ्वी पर वापस जाने के लिए सबसे पहले उपयुक्त पर पहुंचना पड़ेगा जिसके लिए लगभग तीन माह का इंतजार करना पड़ सकता है।
पृथ्वी से मंगल ग्रह की यात्रा पढ़ने में जितनी आसान लग रही है, हकीकत में उतनी है नहीं। इसलिए सबसे पहले दोनों के बीच की दूरी को समझ लेते हैं। मंगल सूर्य से चौथा ग्रह है और पृथ्वी से दूसरा सबसे निकट (शुक्र ग्रह पृथ्वी से ज्यादा निकट है), लेकिन पृथ्वी और मंगल के बीच की दूरी लगातार बदलती रहती है, क्योंकि वे सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
जब पृथ्वी और मंगल एक-दूसरे के सबसे करीब आएंगे तब इसके बीच की दूरी 56 मिलियन किमी होगी और ऐसा 2003 में हुआ था। हालांकि, दोनों ग्रह एक-दूसरे से सबसे दूर तब होते हैं जब वे दोनों सूर्य के विपरीत दिशा में दूर जाते हैं। इस बिंदु पर दोनों के बीच 401 मिलियन किमी की दूरी हो सकती है। हालांकि, पृथ्वी और मंगल के बीच की औसत दूरी 225 मिलियन किमी है।
पृथ्वी से मंगल ग्रह तक प्रकाश की गति से यात्रा करने में औसतन 751 सेकंड या लगभग 12.5 मिनट का समय लगेगा। बता दें कि निर्वात में प्रकाश लगभग 2,99,792 किमी प्रति सेकंड की गति से यात्रा करता है। मौजूदा समय में ऐसा मुमकिन नहीं है।
स्पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, नासा का सबसे तेज अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब, जो 27 सितंबर, 2023 को 6,35,266 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड पर पहुंच गया था। ऐसे में अगर सैद्धांतिक रूप से आप पार्कर सोलर प्रोब अंतरिक्ष यान से यात्रा करें तो पृथ्वी से मंगल ग्रह तक पहुंचने में औसतन 354.6 घंटे या 14.7 दिन का समय लगेगा।
इसरो का मंगलयान मिशन पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंच गया और उसे ऐसा कारनामा करने में 322 दिन का समय लगा था, जबकि साल 2018 में नासा के मार्स इनसाइट लैंडर को 205 दिन का समय लगा।