Blood Moon तीन मार्च 2026: पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जो दिखाता है चंद्र ग्रहण, लेकिन चांद हर साल हो रहा 1.6 इंच दूर

Purna Chandra Grahan Today: आज तीन मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने वाला है। चांद लाल रंग का दिखाई देगा। ऐसा क्यों होता है? ब्लड मून कितनी बार होता है, और क्या सभी चंद्र ग्रहण ब्लड मून होते हैं? आइए जानते हैं।

Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Mar 3 2026, 09:57 IST
ब्लड मून 2026 (Blood Moon 2026)Image Credit : Freepik01 / 07

ब्लड मून 2026 (Blood Moon 2026)

3 मार्च, 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है, यानी ब्लड मून दिखाई देगा। यह पूरे नॉर्थ अमेरिका में दिखाई देगा। यह एक घटना है, जिसे जरूर देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह अब कई सालों बाद दोबारा दिखाई देगा। 2028 में न्यू ईयर ईव तक पृथ्वी पर कहीं भी दिखाई देने वाला यह आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ब्लड मून शब्द का मतलब चांद के रंग से है। ब्लड मून के बारे में जानें

ब्लड मून कहां दिखेगा?Image Credit : Freepik02 / 07

ब्लड मून कहां दिखेगा?

3 मार्च, 2026 का पूर्ण चंद्र ग्रहण पूरे नॉर्थ अमेरिका में दिखेगा। यह भारत में भी दिखेगा और इसे देखने का सबसे अच्छा समय शाम 06:26 बजे से 06:46 बजे के बीच होगा। आप इसे दिल्ली और मुंबई समेत सभी शहरों में देख सकते हैं।

इसे ब्लड मून क्यों कहते हैं?Image Credit : Freepik03 / 07

इसे ब्लड मून क्यों कहते हैं?

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चांद गहरा लाल दिखाई देता है, इसलिए इसे यह नाम मिला है। पृथ्वी सीधे सूरज और चांद के बीच से गुजरती है, जिससे उसकी छाया पूरी तरह से चांद की सतह पर पड़ती है। सूरज की रोशनी एटमॉस्फियर से फिल्टर होकर गुजरती है, जिससे रोशनी की छोटी वेवलेंथ (नीली और बैंगनी) हट जाती है, और सिर्फ लंबी वेवलेंथ—लाल और नारंगी—ही गुजरती हैं।

चांद कितना गहरा लाल दिखेगा?Image Credit : Freepik04 / 07

चांद कितना गहरा लाल दिखेगा?

हालांकि, पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान आपको लाल रंग का कोई तय शेड नहीं दिखता है। रंग इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय पृथ्वी के एटमॉस्फियर में कितनी धूल, बादल या ज्वालामुखी की राख है। इनकी संख्या ज्यादा होने का मतलब है कि लाल रंग का गहरा रंग दिखाई देगा।

क्या सभी चंद्र ग्रहण ब्लड मून होते हैं?Image Credit : Freepik05 / 07

क्या सभी चंद्र ग्रहण ब्लड मून होते हैं?

सिर्फ पूर्ण चंद्र ग्रहण से ही ब्लड मून होता है। अगर पृथ्वी सूरज को थोड़ा ही ढकती है, तो परछाई चांद की सतह के सिर्फ एक हिस्से को ही ढक पाती है। इससे आंशिक चंद्र ग्रहण होता है, जो सेब के टुकड़े जैसा दिखता है।

ब्लड मून कितनी बार होता है?Image Credit : Freepik06 / 07

ब्लड मून कितनी बार होता है?

NASA के अनुसार, हर साल दो से चार चंद्र ग्रहण होते हैं, और सभी चंद्र ग्रहणों में से केवल 29 प्रतिशत ही पूर्ण चंद्र ग्रहण होते हैं। औसतन, पृथ्वी पर ज्यादातर जगहों पर हर 2.5 साल में एक बार पूर्ण चंद्र ग्रहण देखा जा सकता है।

सिर्फ पृथ्वी पर ही होता है चंद्र ग्रहण Image Credit : Freepik07 / 07

सिर्फ पृथ्वी पर ही होता है चंद्र ग्रहण

सोलर सिस्टम में कई ग्रह और उनके कई चांद होने के बावजूद, पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां चंद्र ग्रहण होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी परछाई इतनी बड़ी होती है कि चांद को पूरी तरह ढक लेती है। हालांकि, ये हमेशा नहीं रहेंगे क्योंकि चांद हर साल 1.6 इंच दूर जा रहा है।

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