साल 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर तीन अथॉरिटी यानी नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने मिलकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) बनाया। एयरपोर्ट को कुल चार फेज में तैयार किया जा रहा है।
एयरपोर्ट का निर्माण PPP मॉडल यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जा रहा है। साल 2019 में इस एयरपोर्ट को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट स्विटजर्लैंड की जूरिक इंटरनेशल एयरपोर्ट एजी को दिया गया। 40 साल के इस कॉन्ट्रैक्ट में एयरपोर्ट बनाने और उसके बाद के मैंनटेनेंस की जिम्मेदारी भी है।
जून 2022 में जूरिक ग्रुप ने कंस्ट्रक्शन का कॉन्ट्रैक्ट टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया। एयरपोर्ट के फेस वन में अभी एक ही ही रनवे बनाया गया है, जो 4 किमी लंबा है। लेकिन एयरपोर्ट के पहले फेस में पहले ही देरी हो चुकी है।
9 दिसंबर 2024 को इस एयरपोर्ट पर पहला विमान उतर चुका है। इंडिगो के इस विमान ने यहां पर टेस्ट लैंड किया था। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही एयरपोर्ट से डॉमेस्टिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में जेवर एयरपोर्ट के पहले फेस का काम पूरा हो जाएगा। एयरपोर्ट तक बेहतरीन कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।
इस एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का खास ध्यान रखा जा रहा है। इस एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के साथ कनेक्ट किया जा रहा है। लेकिन बाद में इसे गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही नमो भारत और भारतीय रेलवे से भी कनेक्ट किया जाएगा। एयरपोर्ट के प्रोग्रेस की सभी तस्वीरें DetoxTravellerr से X हैंडल से ली गई हैं। वीडियो लिंक यहां है