दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए एयरलाइंस अक्सर उस फ्लाइट नंबर को रिटायर कर देती हैं, जो दुर्घटना का शिकार होता है। यह एक प्रतीकात्मक कदम होता है, जो शोक संतप्त परिवारों और समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।
वह फ्लाइट नंबर दुर्घटना के कारणों और पीड़ाओं से जुड़ा होता है, जो यात्रियों और कर्मचारियों के लिए मानसिक रूप से कठिन हो सकता है। उसी नंबर के पुनः उपयोग से नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे यात्रा का अनुभव प्रभावित हो सकता है।
एयरलाइंस अपनी ब्रांड छवि को बनाए रखने के लिए ऐसे फ्लाइट नंबरों को रिटायर करती हैं, जो दुर्घटनाओं से जुड़े होते हैं। यह कदम कंपनी की छवि को नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए होता है।
विमानन उद्योग में यह एक स्थापित प्रथा है कि गंभीर दुर्घटनाओं के बाद संबंधित फ्लाइट नंबर को रिटायर किया जाता है। यह कदम सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
Malaysia Airlines Flight MH370: इस फ्लाइट के गायब होने के बाद, एयरलाइन ने MH370 और उसकी वापसी फ्लाइट MH371 को रिटायर कर दिया और उन्हें क्रमशः MH318 और MH319 से बदल दिया।
American Airlines Flight 5342: जनवरी 2025 में वाशिंगटन डी.सी. में एक अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर के साथ टकराव में इस फ्लाइट के 67 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद, एयरलाइन ने फ्लाइट नंबर AA5342 को रिटायर करने का निर्णय लिया।
Air India Flight AI171: अहमदाबाद से लंदन जाते समय इस फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, एयर इंडिया ने फ्लाइट नंबर AI-171 को रिटायर कर दिया। अब अहमदाबाद-लंदन गैटविक की उड़ान संख्या ‘एआई 171’ के बजाय ‘एआई 159’ होगी। बुकिंग प्रणाली में आवश्यक बदलाव कर दिए गए हैं।