बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जिसे बलूच लिबरेशन आर्मी के नाम से भी जाना जाता है, एक बलूच जातीय राष्ट्रवादी उग्रवादी संगठन है। बीएलए का मकसद का बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजाद करना है। यह पाकिस्तानी सरकार पर बलूचिस्तान के विशाल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने और क्षेत्र में गंभीर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाता है।
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए), बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ), बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) और अन्य संगठनों ने कथित तौर पर सैन्य बलों, बुनियादी ढांचे और राज्य सहयोगियों को निशाना बनाकर सैकड़ों हमले किए। सामूहिक रूप से, इन ग्रुप्स ने 938 हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप 1002 से अधिक मौतें, 689 घायल और कम से कम 546 संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
2024 में बीएलए सबसे सक्रिय ग्रुप बना रहा, जिसने 302 हमले किए, जिनमें कथित तौर पर 580 से ज्यादा लोगों की मौत हुई जबकि 370 से अधिक घायल हुए। कम से कम 171 हमलों में संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
बीएलए का सबसे खतरनाक ग्रुप मजीद ब्रिगेड है, जो फियादीन हमले के लिए जाना जाता है। बीएलए ने कहा कि मजीद ब्रिगेड ने 2024 में छह बड़े ऑपरेशन किए, जिससे कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान हुआ।
बीएलए को पाकिस्तान, ईरान, चीन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ ने आतंकी संगठन घोषित किया है। ग्रुप ने 21 जिलों में 240 क्षेत्रों में ऑपरेशन करने का दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक इसके करीब 52 लड़ाके मारे गए जिनमें से अधिकतर मजीद ब्रिगेड के थे। मजीद ब्रिगेड हाई-प्रोफाइल आत्मघाती अभियानों को अंजाम देती है।
बलूचिस्तान का सवाल पाकिस्तान के लिए एक बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा प्रांत है। इसे भू-आर्थिक और भू-रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है फिर भी यह अशांत रहता है। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने रविवार को दावा किया कि उसकी 'फिदायी यूनिट' मजीद ब्रिगेड ने शनिवार को बलूचिस्तान के तुर्बत के पास एक पाकिस्तानी सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला किया। हमले में 47 कर्मियों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए।
2024 बलूचिस्तान के लिए बेहद मुश्किल वर्ष रहा है। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के मुताबिक वर्ष 2024 में बलूचिस्तान में हिंसक गतिविधियों में तीव्र वृद्धि देखी गई क्योंकि 'स्वतंत्रता समर्थक उग्रवादी समूहों ने पाकिस्तानी राज्य के खिलाफ अपने अभियान तेज कर दिए।