क्या होती है इमरजेंसी लैंडिंग फेसिलिटी? पूर्वोत्तर के पहले ELF पर PM मोदी देखेंगे IAF की ताकत

what is emergency landing facility : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी को असम का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर स्थित आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरेंगे, जहां वे लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के एरियल डिस्प्ले (Areal Display) का अवलोकन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1:00 बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का दौरा करेंगे। आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ELF) पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है। इसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से विशेष रूप से आपात स्थिति के दौरान सैन्य और नागरिक विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया है।

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Feb 14 2026, 09:22 IST
​40-74 टन तक के लड़ाकू विमान का होगा संचालनImage Credit : PTI01 / 07

​40-74 टन तक के लड़ाकू विमान का होगा संचालन

ELF एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए एक महत्वपूर्ण एसेट के रूप में कार्य करेगी, जिससे पूर्वोत्तर में प्राकृतिक आपदाओं या स्ट्रेटेजिक आवश्यकताओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी। दोहरे उपयोग वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में यह ईएलएफ, 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन के अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले परिवहन विमानों के संचालन में सक्षम है।

​​पूर्वोत्तर का पहला ईएलएफ है मोरानImage Credit : PTI02 / 07

​​पूर्वोत्तर का पहला ईएलएफ है मोरान

सरकार ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य जगहों पर भी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) बनाए हैं। मोरान ELF पूर्वोत्तर को मजबूत बनाने का हिस्सा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर है। मोरान पूर्वोत्तर का पहला ईएलएफ है।

लड़ाकू-नागरिक विमान लैंड और टेक ऑफ करेंगे​Image Credit : PTI03 / 07

लड़ाकू-नागरिक विमान लैंड और टेक ऑफ करेंगे​

खास बात यह है कि इस एयरस्ट्रिप पर लड़ाकू और नागरिक विमान दोनों लैंड और टेक ऑफ कर सकते हैं। एयरस्ट्रिप वाले हिस्से के दोनों तरफ बाड़ लगाए गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजमार्ग के पास सड़क के नजदीक बने निर्माण को हटा दिया गया है।

​4.2 किलोमीटर हिस्से पर बना है एयरस्ट्रिपImage Credit : PTI04 / 07

​4.2 किलोमीटर हिस्से पर बना है एयरस्ट्रिप

यहां से वह मोरान के लिए रवाना होंगे जहां सुबह 10 बजे के करीब एडवांस्ड लैंडिंग स्थल पर उनका फाइटर प्लेन लैंड करेगा। बता दें कि इस राजमार्ग के 4.2 किलोमीटर हिस्से को एयरस्ट्रिप की तरह तैयार किया गया है। आपात स्थिति के लिए इस एयरस्ट्रिप को तैयार किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय वायु सेना (IAF) इसका इस्तेमाल कर सके।

IAF की ताकत देखेंगे प्रधानमंत्रीImage Credit : PTI05 / 07

IAF की ताकत देखेंगे प्रधानमंत्री

चाबुआ के पास हाई-वे पर विशेष रूप से बनाए गए एयरस्ट्रिप पर उनका फाइटर प्लेन लैंड करेगा। यहां पीएम के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के कई अन्य फाइटर प्लेन भी लैंड और टेकऑफ करेंगे। जानकारी के मुताबिक आईएएफ के कुछ लड़ाकू विमान यहां से फ्लाई-पास्ट करते हुए निकलेंगे।

प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे PMImage Credit : PTI06 / 07

प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे PM

प्रधानमंत्री कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन में सुधार करना है। ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को एक नई और व्यापक गति प्रदान करेंगी।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटनImage Credit : PTI07 / 07

कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ने वाला यह 6-लेन का एक्स्ट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल, पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। इससे गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।

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