कभी गुजरात में बहा करती थी सिंधु, फिर ऐसा क्या हुआ कि पहुंच गई कराची, बन गई पाकिस्तान की राष्ट्रीय नदी

पाकिस्तान की लाइफ लाइन कही जाने वाली सिंधु नदी कभी गुजरात में बहती थी। तिब्ब्त से निकलकर यह कश्मीर, पंजाब से होते हुए गुजरात पहुंचती और फिर कच्छ के रण में विलीन हो जाती है। इसके सबूत इतिहास में दर्ज हैं। कुछ ऐतिहासिक साक्ष्य, जैसे हड़प्पा सभ्यता और मोहनजोदड़ो की सभ्यता, यह दिखाते हैं कि सिंधु नदी के किनारे बहुत सी प्राचीन बस्तियां और सभ्यताएं बसी थीं, जिनमें गुजरात के कुछ हिस्से भी शामिल थे। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो सिंधु नदी गुजरात छोड़कर कराची चली गई।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Apr 24 2025, 12:54 IST
गुजरात में कब बहती थी सिंधु नदी (When did the Indus river flow in Gujarat)Image Credit : Canva01 / 07

गुजरात में कब बहती थी सिंधु नदी (When did the Indus river flow in Gujarat)

लगभग 4000–2500 ईसा पूर्व (हड़प्पा काल में) गुजरात में बहती थी। इतना ही नहीं 19वीं सदी तक यह नदी गुजरात तक पहुंचती थी। रिपोर्ट्स के अनुसार सिंधु कच्छ के रण में विघोकोट के पास तथा पुराने नरका मार्ग से गुजरात में प्रवेश करता थी। यह कच्छ में ही विलीन हो जाती थी। लेकिन अब यह कराची में बहती हुई, अरब सागर में मिल जाती है।

 गुजरात से कराची कैसे पहुंच गई सिंधु नदी (how Indus disappeared from Gujarat and started flowing in Karachi)Image Credit : Canva02 / 07

गुजरात से कराची कैसे पहुंच गई सिंधु नदी (how Indus disappeared from Gujarat and started flowing in Karachi)

ऐतिहासिक तथ्यों में देखें तो 1819 में गुजरात के कच्छ के रण में भयंकर भूकंप आया था। यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि समुद्र में सुनामी आ गई थी। जिसमें 1500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। भूकंप के कारण जमीन में अवतलन हुआ और कच्छ का रण भर गया, ऊंचा हो गया। जिसके बाद सिंधु नदी गुजरात से खिसक गई और कराची में बहने लगी।

पाकिस्तान में भी रास्ता बदल चुकी है सिंधु नदी (Indus river has changed its course in Pakistan)Image Credit : Canva03 / 07

पाकिस्तान में भी रास्ता बदल चुकी है सिंधु नदी (Indus river has changed its course in Pakistan)

ऐसा नहीं है कि सिंधु नदी सिर्फ भारत में ही रास्ता बदली है, बल्कि पाकिस्तान में भी यह रास्ता बदलते रही है। सिंधु नदी ने अपने हज़ारों साल के इतिहास में कई बार रास्ता बदला है, और यह बदलाव प्राकृतिक कारणों से हुए — जैसे भूकंप, टेक्टोनिक मूवमेंट, बाढ़, और जलवायु परिवर्तन। 1245 ई. तक सिंधु नदी मुल्तान के पश्चिमी इलाके में बहती थी। हालांकि तब पाकिस्तान का जन्म ही नहीं हुआ था और यह इलाका भारत में ही आता था।

आज कहां-कहां से गुजरती है सिंधु नदी (Where does Indus River flow through)Image Credit : Canva04 / 07

आज कहां-कहां से गुजरती है सिंधु नदी (Where does Indus River flow through)

आज की तारीख में सिंधु नदी मुख्य रूप से भारत, पाकिस्तान और चीन (तिब्बत) से होकर गुजरती है। इसका प्रवाह उत्तर से दक्षिण की ओर है और अंत में यह अरब सागर में जाकर गिरती है। तिब्बत के मानसरोवर झील के पास स्थित बोखार चू (Bokhar Chu) नाम की एक छोटी जलधारा से सिंधु का जन्म होता है। यह क्षेत्र कैलाश पर्वत के पास है। सिंधु नदी तिब्बत से निकलकर भारत के लद्दाख क्षेत्र में प्रवेश करती है। यहां यह लेह, कारगिल, निमू, अलेक और सासपोल जैसे इलाकों से होकर गुजरती है। सिंधु भारत से पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में प्रवेश करती है। पाकिस्तान में यह पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध प्रांत (कराची के पास) बहते हुए अरब सागर में मिल जाती है

पाकिस्तान का गठन और सिंधु का महत्व (Formation of Pakistan and the importance of Indus)Image Credit : Canva05 / 07

पाकिस्तान का गठन और सिंधु का महत्व (Formation of Pakistan and the importance of Indus)

जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ था (1947 में), तब पाकिस्तान के लिए सिंधु नदी ने एक जीवनदायिनी की भूमिका निभाई। पाकिस्तान ने सिंधु नदी के पानी पर अपनी निर्भरता के कारण इसे राष्ट्रीय नदी के रूप में अपनाया। पाकिस्तान का अधिकांश जल स्रोत और कृषि उत्पादकता सिंधु और उसकी सहायक नदियों (जैसे झेलम, चिनाब, रावी) पर निर्भर है।

सिंधु नदी और पाकिस्तान की पहचान (Indus River, the identity of Pakistan)Image Credit : Canva06 / 07

सिंधु नदी और पाकिस्तान की पहचान (Indus River, the identity of Pakistan)

सिंधु नदी पाकिस्तान की संप्रभुता और पहचान से जुड़ी हुई है। यह नदी न केवल पाकिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का एक अहम हिस्सा है, बल्कि यह पाकिस्तान की संस्कृति, इतिहास, और सभ्यता की भी प्रतीक है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत का नाम भी सिंधु नदी से लिया गया है, और यह नदी पाकिस्तान की सांस्कृतिक धारा का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty)Image Credit : Canva07 / 07

सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty)

सिंधु जल संधि (1960) ने भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी के पानी के वितरण के बारे में समझौता किया। इस संधि के तहत, भारत को सिंधु नदी के पूर्वी भाग का पानी उपयोग करने का अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी भाग का पानी प्राप्त हुआ। यह संधि पाकिस्तान के लिए जल आपूर्ति के मामले में बहुत महत्वपूर्ण थी और इसे पाकिस्तान की राष्ट्रीय नदी के रूप में उसकी महत्ता को और मजबूत किया।

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