माधवराव सिंधिया, संजय गांधी, वाईएस राजशेखर रेड्डी और अब विजय रूपाणी...भारत के वो नेता जिन्होंने हवाई हादसे में गंवाई जान

एयर इंडिया के AI-171 प्लेन हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत के बाद उन नेताओं की याद ताजा हो गई, जिन्होंने हवाई हादसे में अपनी जान गंवाई है। इस देश के कई बड़े नेता हवाई हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिसमें सीएम से लेकर सांसद तक शामिल हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय रूपाणी एयर इंडिया की उस फ्लाइट में सवार थे, जो अहमदाबाद से लंदन जा रही थी और टेकऑफ के साथ ही क्रैश कर गई।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jun 13 2025, 12:11 IST
जब संजय गांधी की हुई प्लेन हादसे में मौत01 / 07

जब संजय गांधी की हुई प्लेन हादसे में मौत

संजय गांधी की मृत्यु 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में हुई थी। वह दिल्ली फ्लाइंग क्लब में एक स्टंट विमान Pitts S-2A उड़ाने का अभ्यास कर रहे थे, जब उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में हुआ और इसमें उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। संजय गांधी युवा, प्रभावशाली और महत्वाकांक्षी नेता थे, जिन्हें इंदिरा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था। उनकी असमय मृत्यु ने न केवल गांधी परिवार को गहरा आघात पहुंचाया, बल्कि भारतीय राजनीति की दिशा भी बदल दी। उनकी मृत्यु के बाद उनके भाई राजीव गांधी को राजनीति में आना पड़ा।

जब क्रैश हुआ माधवराव सिंधिया का प्लेनImage Credit : Indian govt02 / 07

जब क्रैश हुआ माधवराव सिंधिया का प्लेन

माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को एक विमान दुर्घटना में हुई थी। वह एक निजी चार्टर्ड विमान से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक रैली में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में विमान खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माधवराव सिंधिया एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और ग्वालियर राजघराने के प्रमुख थे।

डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की मृत्युImage Credit : Indian govt03 / 07

डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की मृत्यु

डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की मृत्यु 2 सितंबर 2009 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई थी। वह आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे और एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निकले थे, जब उनका हेलीकॉप्टर नल्लामल्ला के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में उनके साथ चार अन्य लोग भी मारे गए। वाई.एस.आर. रेड्डी एक लोकप्रिय और जनकल्याणकारी नेता थे, जिन्होंने राज्य में कई सामाजिक योजनाएं शुरू की थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई, और कई समर्थकों ने आत्महत्या तक कर ली। यह घटना आंध्र प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई।

 तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी का हेलीकॉप्टर क्रैशImage Credit : Govt of india04 / 07

तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी का हेलीकॉप्टर क्रैश

तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी की मृत्यु भी एक हवाई हादसे में हो गई थी। 3 मार्च 2002 को, बालयोगी भिमावरम से हैदराबाद लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कोव्वाडलंका गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में बालयोगी के अतिरिक्त निजी सचिव के. सत्यराजू और पायलट कैप्टन जी.वी. मेनन भी सवार थे। दुर्घटना में तीनों की तत्काल मृत्यु हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने तकनीकी खराबी के कारण आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन एक नारियल के पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

ओपी जिंदल और चौधरी सुरेंद्र सिंह के हेलीकॉप्टर का इंजन फेलImage Credit : @CaptAbhimanyu05 / 07

ओपी जिंदल और चौधरी सुरेंद्र सिंह के हेलीकॉप्टर का इंजन फेल

31 मार्च 2005 को ओमप्रकाश जिंदल का निधन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुआ था। वह उस समय हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री थे और दिल्ली से चंडीगढ़ लौटते समय उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के पुत्र चौधरी सुरेंद्र सिंह भी थे, जो इस हादसे में मारे गए। हेलीकॉप्टर का इंजन फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई, जिसमें ओमप्रकाश जिंदल की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

जब गुजरात के सीएम के प्लेन को पाकिस्तानी जेट ने मार गिरायाImage Credit : Govt of india06 / 07

जब गुजरात के सीएम के प्लेन को पाकिस्तानी जेट ने मार गिराया

गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का निधन 19 सितंबर 1965 को हुआ था। वह और उनके साथ सात अन्य लोग उस दिन एक विमान दुर्घटना में मारे गए। यह घटना भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई, जब उनका विमान पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान द्वारा मार गिराया गया। इस हमले में बलवंतराय मेहता, उनकी पत्नी, तीन कर्मचारियों, एक पत्रकार और दो चालक दल के सदस्य मारे गए।

सुरेंद्र मोहन कुमारमंगलम की प्लेन हुआ क्रैशImage Credit : @Junkie4news_07 / 07

सुरेंद्र मोहन कुमारमंगलम की प्लेन हुआ क्रैश

सुरेंद्र मोहन कुमारमंगलम, भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण नेता और विचारक, का निधन 31 मई 1973 को हुआ। वह उस समय इंडियन एयरलाइंस की उड़ान 440 में सवार थे, जो मद्रास (अब चेन्नई) से दिल्ली आ रही थी। दिल्ली के पालम हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें मोहन कुमारमंगलम सहित 48 लोग मारे गए। उनकी पहचान एक पार्कर पेन और एक श्रवण यंत्र से हुई, जो वह हमेशा अपने साथ रखते थे। मोहन कुमारमंगलम तब भारत के इस्पात और खान मंत्री थे।

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