अफ्रीका के किदेपो वैली नेशनल पार्क में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जहां कभी शिकार (poaching) की वजह से गैंडे खत्म हो गए थे, अब उनकी वापसी हो रही है।
गैंडों को खास ट्रकों और लोहे के क्रेट (बॉक्स) में रखकर लंबी दूरी तय करवाई गई। रेंजर्स और विशेषज्ञों की टीम हर पल उनकी निगरानी करती रही।
ट्रांसफर से पहले गैंडों को बेहोश (dart) किया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। यह प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है।
गैंडों को पार्क में छोड़ने से पहले उन्हें टैग किया गया, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्रेट से बाहर निकलते ही गैंडे खुले जंगल में कदम रखते हैं। एक ऐसी जगह जहां वे दशकों बाद लौटे हैं।
1980 के दशक में शिकारियों ने गैंडों का लगभग सफाया कर दिया था। उनके सींग (horn) की अवैध तस्करी इसकी सबसे बड़ी वजह थी।
यह कदम सिर्फ जानवरों को बचाने का नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को फिर से जीवित करने की कोशिश है। अब संरक्षण (conservation) के जरिए गैंडों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।