PHOTOS: अफ्रीकी जंगलों में लौटी मुस्कान! किदेपो नेशनल पार्क में कैसे हुई गैंडों की वापसी? देखें ऐतिहासिक तस्वीरें

अफ्रीका के किदेपो वैली नेशनल पार्क में एक नई सुबह की शुरुआत हुई है। वह समय जब शिकार और अवैध तस्करी के कारण गैंडों का नामोनिशान मिट चुका था, अब धीरे-धीरे लौट रहा है। इस कहानी में सिर्फ जानवरों की वापसी नहीं, बल्कि उम्मीद, सुरक्षा और प्रकृति के साथ इंसानी जिम्मेदारी की झलक भी है। आइए देखें, कैसे ‘गायब हो चुके दानव’ फिर से अफ्रीकी जंगलों में जीवन की नई कहानी लिख रहे हैं।

Produced by: पीयूष कुमारUpdated Mar 21 2026, 14:06 IST
​​वापसी की कहानी​Image Credit : AP01 / 07

​​वापसी की कहानी​

अफ्रीका के किदेपो वैली नेशनल पार्क में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जहां कभी शिकार (poaching) की वजह से गैंडे खत्म हो गए थे, अब उनकी वापसी हो रही है।

​​सफर शुरू​Image Credit : AP02 / 07

​​सफर शुरू​

गैंडों को खास ट्रकों और लोहे के क्रेट (बॉक्स) में रखकर लंबी दूरी तय करवाई गई। रेंजर्स और विशेषज्ञों की टीम हर पल उनकी निगरानी करती रही।

​​सुरक्षित ट्रांसफर​Image Credit : AP03 / 07

​​सुरक्षित ट्रांसफर​

ट्रांसफर से पहले गैंडों को बेहोश (dart) किया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। यह प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जाती है।

​​नई पहचान​Image Credit : AP04 / 07

​​नई पहचान​

गैंडों को पार्क में छोड़ने से पहले उन्हें टैग किया गया, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

​​नई जिंदगी की शुरुआत​Image Credit : AP05 / 07

​​नई जिंदगी की शुरुआत​

क्रेट से बाहर निकलते ही गैंडे खुले जंगल में कदम रखते हैं। एक ऐसी जगह जहां वे दशकों बाद लौटे हैं।

​​क्यों गायब हुए थे गैंडे?​Image Credit : AP06 / 07

​​क्यों गायब हुए थे गैंडे?​

1980 के दशक में शिकारियों ने गैंडों का लगभग सफाया कर दिया था। उनके सींग (horn) की अवैध तस्करी इसकी सबसे बड़ी वजह थी।

​​उम्मीद की किरण​Image Credit : AP07 / 07

​​उम्मीद की किरण​

यह कदम सिर्फ जानवरों को बचाने का नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को फिर से जीवित करने की कोशिश है। अब संरक्षण (conservation) के जरिए गैंडों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।

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