मटुकनाथ-जूली की प्रेम कहानी सबसे चर्चित लव स्टोरी बन गई। लेकिन इस लव स्टोरी के दोनों पात्र अब अलग-अलग हैं। मटुकनाथ बिहार में नवगछिया के कोरचक्का में अपनी जिंदगी अकेले काट रहे हैं। वह अपना स्कूल चला रहे हैं तो जूली वेस्ट इंडीज में रह रही है। वहीं मटुकनाथ को इस बार 50-60 साल की बुजुर्ग महिला की चाहत है। जिसके लिए उन्होंने फेसबुक पर अपनी बात रखी थी।
साल 2006 में एक बार मटुकनाथ चर्चा में आए थे तभी से इन्हें 'लव गुरु' की उपाधि दी गई थी। दरअसल आपको बता दें कि मटुकनाथ पटना यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग में प्रोफेसर हुआ करते थे। इस समय इन्होंने अपने से 30 वर्ष छोटी उम्र की लड़की जूली को दिल दे बैठे थे।
जिस समय मटुकनाथ और जूली की प्रेम कहानी शुरू हुई यह खूब चर्चा में आए। मटुकनाथ और जूली 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में रहे। सात साल साथ रहने के बाद जूली मटुकनाथ को छोड़कर विदेश चली गई।
प्रोफेसर मटुकनाथ ने अपनी बसी-बसाई गृहस्थी को भी उजाड़ लिया जूली के लिए उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों को भी छोड़ दिया। वहीं जूली के परिवारवालों ने भी उससे नाता तोड़ लिया। इसे लेकर उस वक्त गुरु-शिष्या की परंपरा सवाल खड़े हुए थे।
जूली आखिरकार मटुकनाथ को छोड़कर गई क्यों? इसका जवाब आज तक नहीं मिला। बाद में मटुकनाथ चौधरी ने बताया कि जूली अभी वेस्ट इंडीज में रह रही है उन्होंने जूली को वेस्ट इंडीज से भारत लाने की कोशिश की थी पर ऐसा ना हो सका।
अपने से आधे उम्र की आसक्त प्रेमिका के साथ लव स्टोरी की कहानी लिखने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी को इस बार 50-60 साल की बुजुर्ग महिला की चाहत है।
लव गुरु मटुकनाथ ने दिसंबर 2024 में पत्नी के लिए सोशल मीडिया पर वैकेंसी निकाल दी थी उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर डाला था कि 'आवश्यकता, एक पढ़े-लिखे, समझदार इकहत्तर वर्षीय बूढ़े किसान को पढ़ी-लिखी, समझदार 50-60 के बीच की बुढ़िया चाहिए, बहुत पसंद आ जाने पर उमर में ढील दी जायेगी, शर्त एक ही है कि वासना रहित प्यार की लेन -देन में सक्षम हो'