छुप कर प्यार अब आसान नहीं, लिव इन वाले को करना होगा रजिस्ट्रेशन; जानिए क्यों है जरूरी

उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार जिस समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की तैयारी कर रही, उसमें प्रेमियों का भी रजिस्ट्रेशन होगा। पुष्कर सिंह धामी की सरकार राज्य में लिव इन रिलेशनशीप में रहने वालों जोड़ों का रजिस्ट्रेशन करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बकायदा UCC में प्रावधान किया गया है। इतनी ही नहीं कुछ कंडिशन में माता-पिता को भी जानकारी दी जाएगी।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jul 12 2024, 19:04 IST
UCC की रिपोर्ट में क्या-क्याImage Credit : Canva01 / 07

UCC की रिपोर्ट में क्या-क्या

उत्तराखंड सरकार की ओर से आज समान नागरिक संहिता कानून की रिपोर्ट जारी कर दी है। आम जनता अब इस रिपोर्ट को पढ़ सकती है। इसके लिए (https://ucc/uk.gov.in/) पर आपको जाना होगा।

छुपकर प्यार अब नहींImage Credit : Canva02 / 07

छुपकर प्यार अब नहीं

UCC के अंदर एक प्रावधान प्रेमियों के लिए भी है। 'लिव इन रिलेशनशिप' में रहने वाले कपल को रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

क्यों होगा रजिस्ट्रेशनImage Credit : Canva03 / 07

क्यों होगा रजिस्ट्रेशन

रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य प्रोटेक्शन देना है, किसी की प्राइवेसी भंग नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को रुल में भी रखा जाए। 18 से 21 साल के बीच का उम्र परिपक्व नहीं होता है और प्रोटेक्शन की जरूरत है।

UCC का उद्देश्यImage Credit : Canva04 / 07

UCC का उद्देश्य

इस विधेयक में सात अनुसूचियाँ और 392 धाराएँ हैं, जो चार मुख्य क्षेत्रों - विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप पर केंद्रित हैं।

UCC से फायदाImage Credit : Canva05 / 07

UCC से फायदा

इसके अलावा, बहुविवाह, बहुपतित्व, हलाला और इद्दत जैसी प्रथाओं को समाप्त करने के अलावा पुरुषों और महिलाओं को समान उत्तराधिकार अधिकार देने के प्रावधान भी हैं।

UCC के पहले भाग में क्याImage Credit : Canva06 / 07

UCC के पहले भाग में क्या

यूसीसी 2024 का पहला भाग विवाह और तलाक के प्रावधानों से संबंधित है, जो सभी धर्मों और आस्थाओं की महिलाओं को वैवाहिक संबंध से अलग होने के समान अधिकार देता है। दूसरा भाग उत्तराधिकार के अधिकारों और संपत्तियों और अन्य बंदोबस्तों के प्रावधानों से संबंधित है।

बीजेपी का था चुनावी वादाImage Credit : Canva07 / 07

बीजेपी का था चुनावी वादा

पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य विधानसभा चुनावों के बाद 2022 में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल का गठन किया था। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में विशेषज्ञ निकाय ने 2023 के अंत में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और यूसीसी को 11 मार्च, 2024 को राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया। उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा 12 मार्च, 2024 को इसकी गजट अधिसूचना जारी की गई।

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