अस्त्र मिसाइल भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित की गई बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे हवा में उड़ते दुश्मन के लड़ाकू विमानों को 100+ किलोमीटर दूर से निशाना बनाकर नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) द्वारा विकसित किया गया है और इसका निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा किया जा रहा है। ( फोटो- India Govt)
अस्त्र मिसाइल बिना लक्ष्य को देखे मार कर सकता है। यह मैक 4.5 की रफ्तार से उड़कर दुश्मन के विमान को सटीकता से निशाना बना सकती है। इसमें एक्टिव रडार सीकर, ECCM तकनीक और ऑल-वेदर ऑपरेशन की क्षमता है। ( फोटो- India Govt)
भारत की वायुसेना लंबे समय से विदेशी मिसाइलों जैसे R-77 (रूस) या MICA (फ्रांस) पर निर्भर थी। अस्त्र मिसाइल इस निर्भरता को कम करती है और भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाती है। ( फोटो- India Govt)
DRDO अब अस्त्र Mk-2 और Mk-3 वर्ज़न पर काम कर रहा है, जिनकी रेंज 150+ किमी तक बढ़ाई जा रही है। साथ ही, इन्हें नई पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसे तेजस मार्क 2 और AMCA पर भी तैनात किया जाएगा। ( फोटो- India Govt)
अस्त्र मिसाइल भारत की तकनीकी शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह देश की हवाई सुरक्षा को और मज़बूत बनाती है और आने वाले समय में भारतीय वायुसेना को विश्व की शीर्ष एयरफोर्स की श्रेणी में लाने में मदद करेगी। ( फोटो- India Govt)
अस्त्र मिसाइल को भारत के कई प्रमुख लड़ाकू विमानों (fighter jets) में तैनात किया जा सकता है या किया जा रहा है। Su-30MKI – (पहले से परीक्षणित और तैनात), तेजस (LCA Tejas) – (एकीकरण प्रक्रिया में), मिराज-2000 – (तैनाती की योजना), मिग-29 UPG – (संभावित प्लेटफॉर्म), राफेल – (भविष्य में एकीकरण संभव), AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) – (भविष्य का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट)। ( फोटो- India Govt)
स्वदेशी ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) सीकर’ से लैस ‘अस्त्र’ का परीक्षण ओडिशा तट के पास भारतीय फाइटर जेट सुखोई-30 एमके-1 से किया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान दो मिसाइल लॉन्च किए गए। इनमें हाई-स्पीड मानवरहित हवाई लक्ष्यों को विभिन्न रेंज, दिशा और लॉन्च प्लेटफॉर्म्स की स्थितियों में निशाना बनाया गया। बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दोनों बार मिसाइल ने लक्ष्य को अत्यंत सटीकता के साथ नष्ट किया। ( फोटो- India Govt)