मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट इलाके में गैस टैंकर पलटने के बाद दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों गाड़ियां घंटों तक जहां की तहां फंसी रहीं।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे व्यस्त राजमार्ग पर ज्वलनशील प्रोपलीन गैस ले जा रहा गैस टैंकर पलट गया। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपलीन गैस का रिसाव जारी रहने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की टीम को तैनात किया गया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला छह लेन का चौड़ा टोल एक्सप्रेसवे है। 94.5 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मुंबई, रायगढ़ और नवी मुंबई को पुणे से जोड़ता है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट इलाके में गैस टैंकर पलटने के बाद दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों गाड़ियां घंटों तक जहां की तहां फंसी रहीं। एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर यातायात बाधित होने के कारण, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की मुंबई-पुणे शिवनेरी सहित लगभग 165 बसें विभिन्न स्थानों पर फंस गईं।
तेज रफ्तार में जा रहा टैंकर ढलान पर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में ज्वलनशील प्रोपलीन गैस भरी थी, जिसके रिसाव से इलाके में दहशत फैल गई।
दुर्घटना के बाद यात्री पूरी रात सड़क पर फंसे रहे। महिलाओं और बच्चों को भोजन, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाईं।
एक्सप्रेसवे बंद होने के कारण यातायात को पुराने मुंबई–पुणे हाईवे पर मोड़ा गया, जहां भारी दबाव के चलते वहां भी जाम की स्थिति बन गई।
फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। कई लोगों ने एक्सप्रेसवे को 'पार्किंग स्थल' बताते हुए यात्रा न करने की सलाह दी।
गैस को दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने के बाद चरणबद्ध तरीके से यातायात बहाल किया गया, लेकिन पूरी तरह सामान्य होने में करीब 30 घंटे लग गए।