इस परियोजना से न सिर्फ गाजियाबाद और कानपुर ही नहीं, बल्कि कुल 9 जिलों को लाभ होगा। गाजियाबाद और कानपुर में विकसित होने वाले इस एक्सप्रेस-वे का नाम ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गाजियाबाद से कानपुर का सफर सुगम और सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। परियोजना का निर्माण गाजियाबाद से शुरू किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा गाजियाबाद से कानपुर तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण फोर लेन में किया जाएगा। ये प्रोजेक्ट 380 किमी लंबा होगा। बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन का अधिग्रहण 4 नहीं आठ लेन एक्सप्रेस-वे के तर्ज पर किया गया है। लेकिन इसके साथ बनने वाले फ्लाईओवर और सर्विस रोड कॉरिडोर का निर्माण छह लेन के आधार पर किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के उन्नाव और कानपुर के बीच होगी और गाजियाबाद से हापुड़ में मेरठ एक्सप्रेस-वे के साथ होगी। इसके आधार पर पूरी डीपीआर को तैयार किया गया है और भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
गाजियाबाद से कानपुर बनने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने से 9 शहरों को लाभ होगा। इन शहर हैं- गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर, और उन्नाव है।
पहले गाजियाबाद से कानपुर की दूरी को तय करने में 7 से 8 घंटे का समय लगता था लेकिन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद वो समय घट कर 5 घंटा 30 मिनट हो जाएगा। ऐसे में लोग आसानी से गाजियाबाद से कानपुर की यात्रा कर पाएंगे।
इसमें गाजियाबाद से कानपुर फोरलेन एक्सप्रेस-वे, अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण भी शामिल है, जो मेरठ एक्सप्रेस-वे और लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहे एक्सप्रेस-वे को उन्नाव के कानपुर के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।