दिल्ली कूच पर निकले किसानों की क्या हैं मांगें, सरकार के साथ कहां अटकी बात?

प्रदर्शनकारी किसान अपनी मांगों को लेकर आज दिल्ली कूच पर निकल गए हैं। केंद्र सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान संगठन दिल्ली की तरफ बढ़ चले हैं। इन सबके बीच आइए जानते हैं कि किसानों की क्या-क्या मांगें हैं और सरकार से बातचीत कहीं पर अटकी है।

Authored by: Updated Feb 13 2024, 12:23 IST
सबसे बड़ी मांग, न्यूनतम समर्थन मूल्यImage Credit : PTI01 / 08

सबसे बड़ी मांग, न्यूनतम समर्थन मूल्य

किसानों की मांगों में सबसे महत्वपूर्ण है फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी वाला कानून बनाना। बाजार की अनिश्चितताओं का सामना कर रहे किसानों के लिए यह एक अहम उपलब्धि होगी।

Kisan Andolan: बिजली अधिनियम 2020 निरस्त होImage Credit : PTI02 / 08

Kisan Andolan: बिजली अधिनियम 2020 निरस्त हो

विवाद का एक और अहम बिंदु है बिजली अधिनियम 2020 को निरस्त करने का। साथ ही लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के लिए मुआवजे और किसान आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ मामलों को वापस लेने की भी मांग है।

​आधी रात बनी सहमति लेकिन...​Image Credit : PTI03 / 08

​आधी रात बनी सहमति लेकिन...​

हालांकि आधी रात के बाद इन मुद्दों पर सहमति बन गई, लेकिन किसान अपनी मांग पर कायम रहे और उन्होंने कहा कि सरकार ने दो साल पहले जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए हैं।

सरकार की मंशा पर जताया संदेहImage Credit : PTI04 / 08

सरकार की मंशा पर जताया संदेह

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर संघर्ष समिति के सरवन सिंह पंढेर जैसे किसान नेताओं ने मांगों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर संदेह जताया है।

​और क्या-क्या मांगें​Image Credit : PTI05 / 08

​और क्या-क्या मांगें​

भूमि अधिग्रहण विधेयक 2013 में बदलाव करने की मांग। कलेक्टरेट रेट से चार गुना मुआवाजा देने की मांग। विश्व व्यापार संगठन से दूरी बनाने एवं मुक्त व्यापार समझौते को प्रतिबंधित करने की मांग।

मनरेगा के तहत दिहाड़ी 700 रुपए करने की मांगImage Credit : PTI06 / 08

मनरेगा के तहत दिहाड़ी 700 रुपए करने की मांग

मनरेगा के तहत दिहाड़ी 700 रुपए देने और साल में कम से कम 200 दिन रोजगार मिले। मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर एक आयोग का गठन हो। खराब बीज, पेस्टिसाइड और उर्वरक बनाने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगे और बीज की गुणवत्ता में सुधार हो।

आदिवासियों की जमीन कब्जा रोका जाएImage Credit : PTI07 / 08

आदिवासियों की जमीन कब्जा रोका जाए

आदिवासियों की जमीन पर कंपनियों को कब्जा करने से रोका जाए। उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकार को सुरक्षित किया जाए। विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को खत्म कर दिया जाए।

Delhi Border- दिल्ली बॉर्डर पर सख्त सुरक्षा Image Credit : PTI08 / 08

Delhi Border- दिल्ली बॉर्डर पर सख्त सुरक्षा

'दिल्ली चलो' मार्च के बीच दिल्ली पुलिस ने सिंधु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त कर दी है। दिल्ली पुलिस ने शहर में प्रदर्शनकारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिनमें बैरिकेड्स के साथ सड़क पर कीलें लगाना और सड़क को अवरुद्ध करने के लिए क्रेन और अर्थमूवर्स का इस्तेमाल शामिल है।

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