दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के नए साल 2025 में आम लोगों के लिए खुलने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद मसूरी जाने वाले पर्यटकों की सबसे बड़ा फायदा होगा। लोग सिर्फ ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचेंगे, लेकिन इसके बाद मसूरी थोड़ा दूर हो जाएगा क्योंकि यहां बाईपास बनाने की तैयारी हो रही है। (iStock)
ट्रैफिक से मुक्ति दिलाने के मद्देनजर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे निर्माण के बाद आशारोड़ी से मसूरी तक बाईपास के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। शहर के लोगों और पर्यटकों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ये पहल हो रही है। पहले चरण में आशारोड़ी से झाझरा तक हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। दूसरे चरण में झाझरा से मसूरी तक 42 किमी हाईवे का निर्माण किया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफे की उम्मीद है। ऐसे में देहरादून और मसूरी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ना तय है। इसी को देखते हुए मसूरी के लिए नए बाईपास की योजना पर काम शुरू हो रहा है।
पहले चरण में आशारोड़ी से झाझरा तक फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। पहले फेज को वन मंत्रालय से मंजूरी भी मिल गई है। इसके बाद झाझरा से मसूरी तक हाईवे बनाया जाएगा। अभी तक झाझरा से डूंगा तक सिंगल लेन सड़क है, जबकि डूंगा से आगे वन भूमि पड़ती है।
आशारोड़ी से झाझरा और फिर मसूरी तक हाईवे का निर्माण होने से दिल्ली, चंडीगढ़ और हिमाचल से मसूरी आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें देहरादून शहर के जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। नए रूट से आने वाले पर्यटक बिना शहर में आए बाईपास से सीधे मसूरी निकल पाएंगे। (PTI)
ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया गया है, ताकि एक्सप्रेसवे शुरू होने पर अचानक वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी होने पर पर्यटकों को शहर के बाहर से ही मसूरी भेजा जाएगा और वहीं से वापस किया जाएगा। इससे शहरवासियों और पर्यटकों दोनों को जाम से झंझट से मुक्ति मिलेगी और बड़ी राहत मिलेगी।