आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे (Amas Darbhanga Expressway) 189 किलोमीटर लंबा एक विशाल मार्ग, भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत है, इस परियोजना में कई पुल, फ्लाईओवर और इंटरचेंज शामिल हैं और इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा और यह एक्सप्रेसवे, छह लेन वाला होगा बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अमास दरभंगा एक्सप्रेसवे राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे को बदलने और उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए आकार ले रहा है, पहुंच-नियंत्रित मार्ग अधिकतर छह लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य बिहार के परिवहन परिदृश्य को बदलना है।
यह एक्सप्रेसवे छह लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड रूट के रूप में डिजाइन किया गया। 2024 में उद्घाटन के लिए निर्धारित, अमास दरभंगा एक्सप्रेसवे में पूरे बिहार में आर्थिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। यह गया जिले के आमस से शुरू होकर, दरभंगा जिले के बेला नवादा तक जाएगा
इससे व्यापार और रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे वहीं इससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो जाएगी कहा जा रहा है कि एक बार पूरा होने पर, इससे शहरों को कई तरह से लाभ होने की संभावना है, जिसमें व्यापार गतिविधियों में वृद्धि, नौकरी के अधिक अवसर और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी शामिल है।
आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे दिल्ली-कोलकाता NH-19 पर रणनीतिक रूप से स्थित आमस से शुरू होकर, दरभंगा के नवादा गांव तक पहुंचेगा, इस दौरान ये सात जिलों से गुज़रेगा, जहां यह NH-27 से मिलेगा। आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे कई शहरों से होकर गुजरेगा जिसमें आमस, मथुरापुर, गुरारू, पंचानपुर, बेला, इब्राहिमपुर, ओकरी, पभेरा, रामनगर, सबलपुर, चकसिकंदर, दभैच, बहुआरा, शाहपुर बघौनी (ताजपुर), शिव नंदनपुर (बूढ़ी गंडक), बासुदेवपुर रामनगर (लहेरियासराय), बेला नवादा (दरभंगा) शामिल है।
यह एक्सप्रेसवे, उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा इससे यात्रा का समय चार घंटे कम होगा, एक्सप्रेसवे बिहार के मध्य से होकर गुजरेगा, और औरंगाबाद, गया, पटना और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को जोड़ेगा। आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बढ़ाना है।
कहा जा रहा है कि आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर इससे कुछ शहरों को कई तरह से लाभ होने की उम्मीद है, जिसमें व्यापार गतिविधियों में वृद्धि, नौकरी के अधिक अवसर और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी शामिल है। आमस एक्सप्रेसवे के लिए 56 गांवों में लगभग 1300 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है।
आमस एक्सप्रेसवे बनाने का लक्ष्य सरकार की ओर से 2025 है हालांकि आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की सफलता भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संबंधी मुद्दों आदि पर निर्भर करती है पर आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे बिहार के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा वहीं यह बिहार की जनता के लिए तरक्की का रास्ता खोलेगा और इससे राज्य की तस्वीर बदलेगी इसे ध्यान में रखकर सरकार इसे तेजी से पूरा करने में लगी है।