रविवार देर रात देश के पहाड़ी और सुदूर पूर्वी हिस्से में 6.0 तीव्रता का हल्का भूकंप आया था, जिससे गांव जमींदोज हो गए और लोग मलबे में दब गए। ज्यादातर तबाही हताहत कुनार प्रांत में हुई, जहां लोग कच्चे मकानों में रहते हैं। प्रांत की लगभग 98% इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं। सहायता एजेंसियों ने कहा कि उन्हें क्षेत्र के बचे लोगों की देखभाल के लिए कर्मचारियों और आपूर्ति की सख्त जरूरत है। (फोटो सोर्स: AP)
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि स्थानीय प्रशासन की क्षमता इस आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है। राहत और बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो और भी कई जानें जा सकती हैं। (फोटो सोर्स: AP)
भूकंप का सबसे ज्यादा असर नंगरहार और कुनार प्रांतों में देखा गया। यहां दर्जनों घर मलबे में बदल गए। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कुनार प्रांत की मजार घाटी के कई गांव पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। भू
हेलीकॉप्टर के जरिए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बता दें कि भूकंप प्रभावित इलाकों में सड़क मार्गों से जाना काफी मुश्किल है। इस आपदा में जिन लोगों की जान बची है वो घायलों की मदद में जुटे हैं। वहीं, लोग मृतकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। (फोटो सोर्स: AP)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस तबाही पर गहरा दुख जताया और भरोसा दिलाया कि यूएन कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम मौके पर मौजूद है और हर जरूरतमंद को मदद दी जा रही है। डब्ल्यूएचओ की टीमें पहले ही ज़मीन पर पहुंच चुकी हैं, जो अस्पतालों में घायलों का इलाज कर रही हैं और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। (फोटो सोर्स: AP)
भूकंप के बाद पहाड़ों से पत्थर टूटकर गिरे, जिससे भूस्खलन हुआ और सड़कें बाधित हो गईं। घर मिट्टी और पत्थर के बने होने से तुरंत ढह गए। एक गांव में पूरा घर गिरने से एक आदमी ने अपनी पत्नी और चार बच्चों को खो दिया। (फोटो सोर्स: AP)
तालिबान सरकार ने जानकारी दी है कि घायलों को जलालाबाद और असदाबाद अस्पताल ले जाया गया है। अफगानिस्तान में आए एक घातक भूकंप में बचे लोग घायलों की देखभाल कर रहे हैं और मृतकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि मलबे से और भी ज्यादा पीड़ितों को निकाला जा रहा है। 6.0 तीव्रता वाले इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 1,400 से ज्यादा हो गई है और 3,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। (फोटो सोर्स: AP)
भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई है। भारत ने काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट उपलब्ध कराए हैं और भारतीय मिशन ने काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भेजी है। (फोटो सोर्स: AP)