नेताजी सुभाष चंद्र बोस महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। वह आज़ाद हिंद फौज के प्रमुख नेता थे जिनका नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” आज भी प्रेरणा है।
23 जनवरी 2026 को नेताजी की 129वीं जयंती के अवसर पर उनकी बेटी अनीता बोस फाफ ने केंद्र से मांग की कि उनके पिता की अस्थियां जापान से भारत लाई जाएं।
नेताजी की अस्थियां आज भी टोक्यो, जापान के रौंकोजी मंदिर (Renkoji Temple) में सुरक्षित रखी हैं। उनकी बेटी अनीता बोस फाफ ने भारत सरकार से इन अवशेषों को देश लौटाने की मांग दोबारा की है।
व्यापक मान्यता के अनुसार नेताजी 18 अगस्त 1945 को ताइपे, ताइवान में एक विमान दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में वहीं उनकी मृत्यु हो गई थी।
नेताजी की मौत को लेकर कई दृष्टिकोण रहे हैं। कुछ आयोगों ने विमान दुर्घटना को मौत का कारण माना, जबकि अन्य जांच रिपोर्टों और परिवार के सदस्यों ने सवाल उठाए हैं, जिससे यह विषय आज भी रहस्यपूर्ण है।
नेताजी के परिवार ने DNA टेस्ट की भी मांग की है ताकि पुष्टि हो सके कि Renkoji Temple में रखी अस्थियाँ वास्तव में नेताजी की ही हैं। जापानी सरकार ने भी तकनीकी रूप से सहयोग की बात कही है।
अनीता बोस फाफ ने कहा है कि उनके पिता का अंतिम सम्मान भारत में होना चाहिए और देशवासियों को इस मांग का समर्थन करना चाहिए, ताकि नेताजी को भारत में सम्मानपूर्वक विदाई दी जा सके।