राहुल नैनीताल से गाजियाबाद नौकरी करने आया। बजट सीमित था, पर उसे बेहरामपुर, गोविंदपुरम, शताब्दीपुरम जैसे इलाकों में मात्र 5000 रुपये में किराये पर अच्छा घर मिल गया। अब वह सुकून से नौकरी करता है और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में हर दिन एक कदम आगे बढ़ाता है।
पूर्णिमा ने नई नौकरी हासिल की और रोजाना सफर में वक्त बर्बाद होता था। उसने श्याम पार्क मेट्रो स्टेशन के पास राजेंद्र नगर में 5000 रुपये में किराये पर घर ले लिया। अब ऑफिस भी पास है और समय की बचत भी। उसका जीवन अब पहले से ज्यादा संतुलित हो गया।
मोनू दिल्ली में नई नौकरी के लिए आया। आनंद विहार में जगह नहीं मिली, लेकिन किसी ने बताया कि उसके पास ही चंदर नगर में 7 हजार रुपये में किराये पर घर मिल जाएगा। उसने तुरंत घर देखा और घर ले लिया। अब वह सुकून से अपने सपनों को जी रहा है।
प्रतिमा को पूर्वी दिल्ली में नई नौकरी मिली। उसने रहने के लिए जगह ढूंढनी शुरू की। जानकारी मिली कि गाजियाबाद के नेहरू नगर में 9000 रुपये में किराये पर घर मिल जाएगा और यह जगह वैशाली मेट्रो से कनेक्टेड भी है। रिया ने तुरंत घर लिया और अपने नए सफर की शुरुआत की।
नमन को ऑफिस जाने में रोज कई घंटे लगते थे। एक दिन उसे दोस्त ने बताया कि वैशाली-कौशांबी के पास मेट्रो और बसअड्डा है और वहां 9000 रुपये में किराये पर रह सकते हैं। अमन ने तुरंत शिफ्ट किया। अब उसका सफर आसान हो गया और काम के साथ जीवन भी संतुलित हो गया।
सोनिया को अपने बेटे के स्कूल के पास घर चाहिए था, लेकिन बजट कम था। उसने खोजबीन की और पता चला कि अहिंसा खंड, नीति खंड, शक्ति खंड जैसे इलाकों में 8000 रुपये में किराये पर घर मिल जाता है। उसने वहीं घर ले लिया और अब उसका जीवन आसान हो गया।
अमित दिल्ली के चाणक्यपुरी में नौकरी करता है, लेकिन रोज का लंबा सफर थका देता था। एक दिन उसे पता चला कि H24 पर मौजूद क्रॉसिंग रिपब्लिक में साढ़े 8 हजार रुपये में किराये पर घर मिल सकता है। उसने तुरंत शिफ्ट किया और अब उसका सफर छोटा और जीवन आसान हो गया।
पाखी दिल्ली में जॉब करती है, लेकिन महंगे किराए से परेशान थी। एक सहकर्मी ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में साढ़े 7 से 8 हजार रुपये में आरामदायक घर मिल जाता है। पाखी ने तुरंत वहां घर ले लिया। अब वह कम खर्च में बेहतर जीवन और समय की बचत दोनों कर रही है।
रजनी दिल्ली में पढ़ाई पूरी कर गाजियाबाद में नौकरी करने आई। उसे साफ-सुथरा और सुरक्षित इलाका चाहिए था। पता चला कि इंदिरापुरम, गाजियाबाद का पॉश इलाका है, जहां 9000 रुपये में किराये का घर मिल जाता है। रजनी ने वहीं घर लिया और अब आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत कर रही है।
मदन ने हाल ही में नई नौकरी शुरू की और अपने लिए सुरक्षित व सस्ती जगह की तलाश में था। उसे पता चला कि वसुंधरा रहने के लिए अच्छे और सस्ते इलाकों में से है। यहां 7000 रुपये में घर मिल जाता है। अब वह यहीं रहकर अपने करियर पर ध्यान दे रहा है।