मां-बाप बच्चों के दोस्त नहीं बन सकते, मॉडर्न पेरेंट्स के लिए अभिषेक बच्चन की पेरेंटिंग टिप, आराध्या के लिए यही नुस्खा करते है फॉलों

पेरेंटिंग को लेकर हर मां-बाप की अपनी अपनी अलग सोच होती है। हर पेरेंट अलग अंदाज में लेकिन अपने बच्चे के लिए बेस्ट ही चाहता है। ऐसा ही कुछ अभिषेक बच्चन की पेरेंटिंग एडवाइस सुनकर भी कहा जा सकता है। देखें वे आराध्या के लिए कैसी पेरेंटिंग स्टाइल फॉलो करते हैं।

Authored by: अवनी बागरोलाUpdated Jun 8 2026, 12:51 IST
बच्चों के दोस्त नहीं बन सकते पेरेंट्सImage Credit : Instagram01 / 07

बच्चों के दोस्त नहीं बन सकते पेरेंट्स

अभिषेक बच्चन ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में यह बयान दिया था कि, पेरेंट्स बच्चों के दोस्त नहीं बन सकते हैं। लेकिन मॉडर्न पेरेंटिंग में सबसे पहले यही कहा जाता है कि, आप बच्चों के दोस्त बनकर रहे। हालांकि अभिषेक की सोच इस विषय पर कुछ अलग है। देखें वे आराध्या को किस प्रकार की पेरेंटिंग स्टाइल के साथ बड़ा कर रहे हैं।

बच्चों के दोस्त नहीं, भरोसेमंद माता-पिता बनेंImage Credit : Instagram02 / 07

बच्चों के दोस्त नहीं, भरोसेमंद माता-पिता बनें

अभिषेक मानते हैं कि, बच्चों के साथ खुलकर और प्यार से बात करना जरूरी है। लेकिन माता-पिता की भूमिका दोस्त से अलग होती है। उनका काम सिर्फ साथ निभाना नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन देना भी है।

इतना फ्रेंडली रहें कि बच्चा आपसे कुछ न छिपाएImage Credit : Instagram03 / 07

इतना फ्रेंडली रहें कि बच्चा आपसे कुछ न छिपाए

माता-पिता और बच्चों के बीच ऐसा रिश्ता होना चाहिए कि बच्चा किसी भी परेशानी, डर या उलझन में सबसे पहले अपने माता-पिता से बात करने में सहज महसूस करे।

दोस्ताना व्यवहार अच्छा है लेकिन..Image Credit : Instagram04 / 07

दोस्ताना व्यवहार अच्छा है लेकिन..

दोस्ताना व्यवहार अच्छी बात है, लेकिन बच्चों को यह समझना जरूरी है कि माता-पिता के कुछ नियम और सलाह उनकी भलाई के लिए होते हैं, इसलिए उनका सम्मान करना चाहिए।

दोस्त और माता-पिता के रिश्ते का अंतर समझाएंImage Credit : Instagram05 / 07

दोस्त और माता-पिता के रिश्ते का अंतर समझाएं

बच्चों को यह बताना जरूरी है कि दोस्त और माता-पिता की भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं। इससे वे बातचीत और व्यवहार की सीमाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

जरूरत से ज्यादा दोस्ती Image Credit : Instagram06 / 07

जरूरत से ज्यादा दोस्ती

माता-पिता बच्चों को अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सिखाते हैं। यदि यह सीमा धुंधली हो जाए, तो बच्चों के लिए नियमों का महत्व कम हो सकता है।

सम्मान और सीमा बनाए रखना जरूरी हैImage Credit : Instagram07 / 07

सम्मान और सीमा बनाए रखना जरूरी है

माता-पिता और बच्चों के रिश्ते के बीच एक स्वस्थ संतुलन होना चाहिए। बेशक ही अभिषेक की पेरेंटिंग सलाह सही है कि, पेरेंट्स को बच्चों के साथ दोस्ती संतुलन के साथ करनी चाहिए।

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