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फॉर्मूला-1 के पूर्व प्रमुख 95 वर्षीय बर्नी एक्लेस्टोन को हिरासत में लिया गया, एयरपोर्ट पर लाए थे बंदूक

Former F1 Boss Detained At Airport: 95 वर्षीय पूर्व फॉर्मूला-1 प्रमुख बर्नी एक्लेस्टोन को एक पुर्तगाली एयरपोर्ट में हिरासत में लिया गया और कुछ घंटों बाद छोड़ा गया। इसकी वजह ये थी कि वो एयरपोर्ट पर शॉटगन साथ लेकर आए थे।

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पूर्व फॉर्मूला-1 प्रमुख बर्नी एक्लेस्टोन को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया

Photo : AP

फॉर्मूला 1 के पूर्व बॉस बर्नी एक्लेस्टोन (Bernie Ecclestone) को सोमवार को पुर्तगाल के एक एयरपोर्ट पर बंदूक रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया और कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया। 95 साल के बर्नी एक्लेस्टोन लिस्बन के पास टायर्स एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पुर्तगाली पब्लिक सिक्योरिटी पुलिस के एयरपोर्ट डिवीज़न के अधिकारियों को उनके पास एक शॉटगन मिली, जिसके लिए उनके पास कोई परमिट नहीं था।

डेली मेल को दिए एक इंटरव्यू में एक्लेस्टोन ने माना कि वह स्विट्जरलैंड से कबूतरों के शिकार के लिए यह हथियार लाए थे। एक्लेस्टोन ने ब्रिटिश अखबार को बताया, "उन्होंने पूछा कि क्या मेरे पास 'ब्लू बुक' है, जो असल में इसके लिए ज़रूरी कागज़ात होते हैं, और मैंने उनसे कहा कि मैं कभी भी ऐसे कागजात साथ लेकर यात्रा नहीं करता, बल्कि असल में कोई भी कागज़ात साथ नहीं रखता।" "उन्होंने कहा कि वे मुझे गिरफ्तार कर लेंगे, लेकिन घंटों की बातचीत के बाद मामला सुलझ गया, हालांकि इससे बहुत परेशानी हुई।"

एक्लेस्टोन 1987 से 2017 तक F1 के प्रमुख रहे और अपना समय स्विट्जरलैंड और पुर्तगाल में अपने घरों के बीच बिताते हैं। यह पहली बार नहीं है जब एयरपोर्ट पर हथियार ले जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। मई 2022 में ब्राजील के विराकोपोेस एयरपोर्ट पर पुलिस को उनके पास .32-कैलिबर की पिस्तौल मिली थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस समय उन्हें जुर्माना भरना पड़ा था और वे बिना किसी और परेशानी के वहां से जा पाए थे।

एक्लेस्टोन ने 1970 के दशक के आखिर में फॉर्मूला-1 के टीवी अधिकार बेचकर इसकी मार्केटिंग पर अपनी पकड़ बनाई थी। चार दशक बाद तक, इस ब्रिटिश बिजनेस टाइकून का इस सीरीज पर नियंत्रण रहा, जब तक कि उन्होंने पद छोड़ने का फैसला नहीं किया। वे अब भी रेस में शामिल होते रहते हैं।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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